बेंगलुरु/हैदराबाद, आठ जुलाई पिछले महीने लॉकडाउन पाबंदियों में रियायतें दिये जाने के बाद से बेंगलुरु और हैदराबाद में कोरोना वायरस के मामलों में तेजी से वृद्धि होना इन दो दक्षिणी शहरों के प्रबंधकों के लिए चिंता का कारण बना हुआ है।
इस महीने के पहले सात दिन में ही कर्नाटक के बेंगलुरु में कोविड-19 महामारी के 6,800 से अधिक मामले सामने आ चुके है जबकि तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में इस संक्रमण के 9,000 से अधिक मामले सामने आये है।
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अधिकारियों ने इसके लिए पाबंदियों में दी गई ढील की वजह से लोगों की बड़े पैमाने पर आवाजाही को जिम्मेदार ठहराया है।
बेंगलुरु में मामलों में वृद्धि कम से कम दो सप्ताह में आनी शुरू हुई जिस वजह से अधिकारियों को तेजी से कदम उठाने पड़े।
वहीं दूसरी ओर हैदराबाद में पिछले महीने के अंत से मामलों में तेजी आनी शुरू हुई, जब सरकार ने शहर और इसके आसपास के क्षेत्रों में 50 हजार जांच कराये जाने की घोषणा की।
नगर निकाय के अनुसार, बेंगलुरु में 31 मई तक कोविड-19 के मामलों की संख्या केवल 358 थी लेकिन 30 जून तक यह संख्या 4,555 पहुंच गई और मंगलवार तक इस महामारी के मामले बढ़कर 11,361 हो गये।
शहर में इस समय 9,395 मरीजों का इलाज चल रहा है और अब तक 155 लोगों की मौत हुई है जबकि 1,810 लोगों को स्वस्थ होने के बाद छुट्टी दी जा चुकी है।
चिकित्सा शिक्षा मंत्री के सुधाकर ने कहा, ‘‘बेंगलुरु में हम जानते थे कि लॉकडाउन में छूट दिये जाने के बाद मामलों में वृद्धि होगी लेकिन हमारे पास जो सूचना आई थी उसमें ऐसा संकेत नहीं था कि इतनी वृद्धि होगी।’’
तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में एक जुलाई से मामलों में तेजी से वृद्धि हुई है। इस महीने के पहले सप्ताह में ही 9,227 नये मामले सामने आये।
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