नयी दिल्ली, 26 नवंबर आयकर विभाग कर ऑडिट रिपोर्ट अपलोड करते समय उपलब्ध कराये गये चार्टर्ड एकाउंटेन्ट के विशिष्ट दस्तावेज पहचान संख्या (यूडीआईएन) का सत्यापन भारती सनदी लेखाकर संस्थान (आईसीएआई) के साथ मिलकर करेगा।
आईसीएआई ने बिना सीए डिग्री के स्वयं को चार्टर्ड एकाउंटेंट बताकर फर्जी प्रमाणपत्र जारी किये जाने पर रोक लगाने के इरादे से 2019 में हर प्रकार के प्रमाणपत्र और कर ऑडिट रिपोर्ट तथा अन्य सत्यापन को लेकर संस्थान की वेबसाइट से यूडीआईएन संख्या लेने को अनिवार्य कर दिया है।
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मंत्रालय ने कहा कि आयकर विभाग की अन्य सरकारी एजेंसियों तथा निकायों के साथ समन्वय को लेकर जारी पहल के तहत आयकर ई-फाइलिंग पोर्टल ने आईसीएअइआई के पोर्टल के साथ एकीकरण का काम कर लिया है। इसका मकसद चार्टर्ड एकाउंटेन्ट द्वारा सत्यापित/प्रमाणित दस्तावेजों के लिये आईसीएआई के पोर्टल से सृजित यूडीआईएन का सत्यापन करना है।
आयकर ई-फाइलिंग पोर्टल ने आयकर कानून, 1961 के तहत चार्टर्ड एकाउंटेन्ट (सीए) द्वारा प्रमाणित/सत्ययापित दस्तावेजों के मामले में 27 अप्रैल, 2020 से यूडीआईएन का उल्लेख करना अनिवार्य कर दिया है।
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मंत्रालय ने कहा, ‘‘प्रणाली आधारित एकीकरण से चार्टर्ड एकाउंटेंट द्वारा ई-फाइलिंग पोर्टल पर ऑडिट रिपोर्ट/प्रमाणपत्रों के लिये दिये गये यूडीआईएन का सत्यापन आईसीएआई के जरिये ऑनलाइन किया जा सकेगा।’’
इससे उन फर्जी या गलत कर ऑडिट रिपोर्ट पर अंकुश लगेगा जो आईसीएआई से सत्यापित नहीं है।
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