देश की खबरें | बाबरी विध्वंस मामले में विहिप ने अदालत के फैसले को सत्य, न्याय की विजय बताया
एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली, 30 सितंबर विश्व हिन्दू परिषद (विहिप) ने बाबरी विध्वंस मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की विशेष अदालत द्वारा सभी 32 आरोपियों को बरी किए जाने के फैसले को ‘‘सत्य और न्याय’’ की जीत बताते हुए कहा कि इस निर्णय ने षड्यंत्र के आरोपों को ध्वस्त कर दिया।

विहिप के कार्याध्यक्ष आलोक कुमार ने फैसले के बाद एक बयान जारी कर अपील की कि लोगों को राजनीति से ऊपर उठकर और पीछे देखने की बजाय एक संगठित व विकसित भारत के निर्माण के लिए अब आगे बढ़ना चाहिए।

यह भी पढ़े | राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने किया बाबरी फैसले का स्वागत, कहा- देश को आगे ले जाने में सभी जुटें.

उन्होंने कहा, ‘‘सत्य और न्याय की विजय हुई है। हालांकि, न्यायालयों को यह निर्णय देने में 28 वर्ष लग गये। हम आशा करते हैं कि इस निर्णय से उन विषयों का पटाक्षेप हो जायेगा जो गत 472 वर्षों से हिन्दू मानस को व्यथित करते रहे हैं।’’

उन्होंने कहा कि ‘‘राम भक्तों’’ ने इन ‘‘झूठे मुकदमों’’ का 28 वर्ष तक धैर्य और साहस से सामना किया।

यह भी पढ़े | Babri Masjid Demolition Verdict: परामर्श के बाद कोर्ट के फैसले के खिलाफ अपील पर निर्णय लेगी CBI.

उन्होंने बताया कि इस मामले में 49 प्राथमिकी थीं, अभियोजन ने 351 गवाह पेश किये और लगभग 600 दस्तावेज न्यायालय में दिए गये। मुकदमे को सुन रहे नयायाधीश का कार्यकाल, उनके सेवानिवृत होने के बाद भी कई बार बढ़ाना पड़ा और तब जाकर यह फैसला आ पाया है।

उन्होंने कहा, ‘‘आज के निर्णय ने षड्यंत्र के आरोपों को ध्वस्त कर दिया है। अब समय है कि हम राजनीति से ऊपर उठें, और बार-बार पीछे देखने की बजाय एक संगठित और विकसित भारत के निर्माण के लिए आगे बढ़ें।’’

उन्होंने कहा कि भारतीय समाज को अब अपना ध्यान आगे आने वाले कार्यों की ओर लगाना है।

कुमार ने कहा, ‘‘हमें ऐसा सशक्त भारत बनाना है जो अपने अन्दर के और सीमाओं पर की चुनौतियों का सफलता से सामना कर सके।’’

उन्होंने कहा कि विहिप एक बार फिर अपने आप को श्रीरामजन्मभूमि पर भव्य मंदिर का निर्माण, सामाजिक ऊंच-नीच को दूर करके समरस समाज की स्थापना, अनुसूचित जाति-जनजाति और आर्थिक रूप से पिछड़े अन्य वर्गों की सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक उन्नति के लिए समर्पित करती है।

उन्होंने कहा, ‘‘साथ ही विहिप मंदिर और उनकी सम्पत्तियों की रक्षा और मंदिरों की आय, धर्म एवं समाज हित के कार्यों के लिए ही व्यय होने के लिए भी अपना संघर्ष सतत जारी रखेगी।’’

इस मामले में प्रारंभ में जिन 49 लोगों को अभियुक्त बनाया गया था उनमें अशोक सिंघल, महंत अवैद्यनाथ, परमहंस रामचन्द्र दास, राजमाता विजया राजे सिंधिया, आचार्य गिरिराज किशोर, बाल ठाकरे, विष्णुहरि डालमिया और वैकुण्ठ लाल शर्मा (प्रेम जी) शामिल थे।

इन सभी दिवंगत नेताओं को भी आज के अवसर पर याद करते हुए विहिप ने उन्हें श्रद्धांजलि दी।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)