देश की खबरें | ‘मंदिरों के पैसे योजनाओं में’: हिमाचल प्रदेश के मंत्री ने भाजपा पर सांप्रदायीकरण करने का लगाया आरोप

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. हिमाचल प्रदेश के मंत्री राजेश धर्माणी ने बृहस्पतिवार को कहा कि राज्य द्वारा संचालित मंदिरों से प्राप्त धनराशि मुख्यमंत्री राहत कोष में डाली जाती है तथा सामाजिक कार्यों और लोक कल्याण योजनाओं में उसका उपयोग किया जाता है, लेकिन भाजपा इस मुद्दे का “सांप्रदायीकरण” कर रही है और लोगों को “गुमराह” कर रही है।

शिमला, छह मार्च हिमाचल प्रदेश के मंत्री राजेश धर्माणी ने बृहस्पतिवार को कहा कि राज्य द्वारा संचालित मंदिरों से प्राप्त धनराशि मुख्यमंत्री राहत कोष में डाली जाती है तथा सामाजिक कार्यों और लोक कल्याण योजनाओं में उसका उपयोग किया जाता है, लेकिन भाजपा इस मुद्दे का “सांप्रदायीकरण” कर रही है और लोगों को “गुमराह” कर रही है।

धर्माणी बचत भवन में मासिक बैठक में भाग लेने के बाद पत्रकारों से बात कर रहे थे।

राज्य सरकार द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, हिमाचल प्रदेश हिंदू सार्वजनिक धार्मिक संस्थान और धर्मार्थ बंदोबस्ती अधिनियम, 1984 के तहत कार्यरत विभिन्न मंदिर न्यास परमार्थ गतिविधियों और कल्याणकारी योजनाओं के लिए योगदान देते हैं।

विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कांग्रेस सरकार के फैसले को हिंदू विरोधी करार देते हुए कहा कि यह सरकार का वित्तीय कुप्रबंधन छिपाने का प्रयास है।

अधिसूचना में कहा गया है कि मंदिर न्यास मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना और मुख्यमंत्री सुख शिक्षा योजना में भी योगदान दे सकते हैं।

धर्माणी ने कहा कि मंदिरों की धनराशि मुख्यमंत्री राहत कोष में डाली जाती है जिसका उपयोग सामाजिक कार्यों तथा जन कल्याण योजनाओं के लिए किया जाता है, लेकिन भाजपा इस मुद्दे का सांप्रदायीकरण कर रही है और लोगों को गुमराह कर रही है।

भाजपा पर हमला तेज करते हुए कांग्रेस नेता धर्माणी ने कहा कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे पी नड्डा ‘राजनीतिक लाभ हासिल करने के लिए हिमाचल प्रदेश की छवि खराब करने’ की कोशिश कर रहे हैं।

इस बीच प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष राजीव बिंदल ने पटवारी एवं कानूनगो मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए कहा कि पटवारियों और कानूनगो के धरने और हड़ताल के कारण लोगों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन राजस्व मंत्री इस मुद्दे को दबाने की कोशिश कर रहे हैं।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

\