लाहौर, नौ अक्टूबर गोपनीय राजनयिक दस्तावेज कथित तौर पर लीक करने के मामले में पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को 17 अक्टूबर को अभ्यारोपित किया जाएगा। मामले की सुनवाई सोमवार से आधिकारिक रूप से शुरू होने पर यहां की एक अदालत यह घोषणा की।
सुनवाई की अध्यक्षता विशेष अदालत के न्यायाधीश अब्दुल हसनात जुल्करनैन ने की। अभियोजक जुल्फिकार अब्बास नकवी, खान के वकील सलमान सफदर और उनकी पार्टी पाकिस्तान तहरीक ए इंसाफ के नेता शाह महमूद कुरैशी की बेटी एवं बेटे भी रावलपिंडी की अदियाला जेल में सुनवाई के दौरान उपस्थित थे।
पाकिस्तान के वाशिंगटन स्थित दूतावास द्वारा पिछले साल मार्च में (पाकिस्तान) भेजे गये एक गोपनीय राजनयिक दस्तावेज का खुलासा करने के कारण सरकारी गोपनीयता अधिनियम के उल्लंघन के मामले में खान (71) को अगस्त में गिरफ्तार किया गया था।
सोमवार की सुनवाई के दौरान आरोपपत्र की प्रतियां खान और सह-आरोपी एवं पूर्व विदेश मंत्री कुरैशी के वकीलों को उपलब्ध कराई गईं।
‘द एक्सप्रेस ट्रिब्यून’ अखबार की खबर के अनुसार, खान की पार्टी के वकीलों ने एक बंदी वाहन में उनसे संक्षिप्त रूप से मुलाकात भी की।
खबर के अनुसार, अभियोजक नकवी ने अदालत को सूचित किया कि सभी आवश्यक प्रतियां अदालत को मुहैया की गई हैं। बाद में, अदालत ने सभी सरकारी गवाहों के लिए यह निर्देश जारी किया कि उन्हें 17 अक्टूबर को आरोपपत्र के साथ तलब किया जाए।
यह मामला एक राजनयिक दस्तावेज से संबद्ध है जो खान के पास से कथित तौर पर गुम हो गया था। खान ने पिछले साल अपने खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाये जाने से पहले और उसके बाद भी बार-बार यह कहा है कि यह दस्तावेज प्रधानमंत्री पद से उन्हें हटाने की एक साजिश की ओर इशारा करता है।
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