देश की खबरें | आईएलएंडएफएस धनशोधन मामला: प्रवर्तन निदेशालय ने जयंत पाटिल को समन भेजा
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने ढांचागत विकास एवं वित्तीय सेवा क्षेत्र की कंपनी ‘इंफ्रास्ट्रक्चर लीजिंग एंड फाइनेंशियल सर्विसेज’ (आईएलएंडएफएस) संबंधी कथित वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े धनशोधन मामले में पूछताछ के लिए राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) की महाराष्ट्र इकाई के प्रमुख एवं विधायक जयंत पाटिल को समन भेजा है। आधिकारिक सूत्रों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
मुंबई, 11 मई प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने ढांचागत विकास एवं वित्तीय सेवा क्षेत्र की कंपनी ‘इंफ्रास्ट्रक्चर लीजिंग एंड फाइनेंशियल सर्विसेज’ (आईएलएंडएफएस) संबंधी कथित वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े धनशोधन मामले में पूछताछ के लिए राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) की महाराष्ट्र इकाई के प्रमुख एवं विधायक जयंत पाटिल को समन भेजा है। आधिकारिक सूत्रों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
सूत्रों ने बताया कि इस्लामपुर सीट से विधायक पाटिल (61) को शुक्रवार को एजेंसी के सामने पेश होने को कहा गया है।
पूर्व गृह एवं वित्त मंत्री पाटिल सातवीं बार विधायक चुने गए हैं।
कुछ आरोपी कंपनियों द्वारा पाटिल से जुड़े संस्थानों को कथित तौर पर किया गया ‘‘कमीशन’’ का भुगतान एजेंसी की जांच के दायरे में है। ऐसा माना जा रहा है कि पाटिल से इस लेनदेन के बारे में पूछताछ की जाएगी और उनके बयान धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत दर्ज किए जाएंगे।
प्रवर्तन निदेशालय ने आईएलएंडएफएस में कथित वित्तीय अनियमितताओं के मामले में धनशोधन संबंधी जांच के दौरान इसकी दो पूर्व लेखा परीक्षा कंपनियों - ‘बीएसआर एंड एसोसिएट्स’ और ‘डेलॉयट हास्किन्स एंड सेल्स’ के परिसरों पर बुधवार को छापा मारा था। इसी के साथ एजेंसी ने 2019 के इस मामले में फिर से कार्रवाई शुरू की है।
आईएलएंडएफएस ने 2018 में दिवाला कार्यवाही के लिए अपील की थी।
एक सप्ताह पहले उच्चतम न्यायालय ने मुंबई उच्च न्यायालय के उस आदेश को खारिज कर दिया था, जिसमें दोनों कंपनियों के खिलाफ गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय (एसएफआईओ) की जांच निरस्त कर दी गई थी। इससे इन कंपनियों के खिलाफ कंपनी अधिनियम के तहत कार्रवाई शुरू करने और राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) द्वारा उनके खिलाफ जांच आगे बढ़ाने का रास्ता साफ हो गया।
एसएफआईओ कॉरपोरेट मामले के मंत्रालय के अंतर्गत आता है। यह सफेदपोश अपराधों और धोखाधड़ी की जांच करता है और मुकदमा चलाता है।
प्रवर्तन निदेशालय ने आईएलएंडएफएस में कथित वित्तीय अनियमितताओं के मामले में धनशोधन के आरोपों की जांच 2019 में शुरू की थी। उस समय आईएलएंडएफएस समूह की कंपनियों- आईआरएल, आईटीएनएल, इसके अधिकारियों व अन्य के खिलाफ दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) द्वारा दर्ज मुकदमे का संज्ञान लिया गया था।
निदेशालय ने आईएलएंडएफएस फाइनेंशियस सर्विसेज (आईएफआईएन) और उसके अधिकारियों के खिलाफ एसएफआईओ की ओर से दर्ज कराई गई शिकायत का भी संज्ञान लिया था।
ईडी ने इस मामले में पहले भी विभिन्न इकाइयों की संपत्तियां जब्त की हैं।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)