देश की खबरें | आईआईटी-बॉम्बे ने संस्थान में जातिगत पूर्वाग्रह के आरोपों को खारिज किया

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. आईआईटी-बॉम्बे ने प्रथम वर्ष के एक छात्र द्वारा कथित रूप से आत्महत्या करने के बाद संस्थान में जातिगत पूर्वाग्रह के आरोपों को मंगलवार को खारिज करते हुए कहा कि दोस्तों द्वारा मिली शुरुआती जानकारी से पता चलता है कि उनके साथ कोई भेदभाव नहीं हुआ।

मुंबई, 14 फरवरी आईआईटी-बॉम्बे ने प्रथम वर्ष के एक छात्र द्वारा कथित रूप से आत्महत्या करने के बाद संस्थान में जातिगत पूर्वाग्रह के आरोपों को मंगलवार को खारिज करते हुए कहा कि दोस्तों द्वारा मिली शुरुआती जानकारी से पता चलता है कि उनके साथ कोई भेदभाव नहीं हुआ।

रविवार को संस्थान के पवई परिसर में छात्रावास की सातवीं मंजिल से कूदने के बाद दर्शन सोलंकी (18) नामक छात्र की मौत हो गई थी। अहमदाबाद निवासी सोलंकी बीटेक (केमिकल) पाठ्यक्रम का प्रथम वर्ष का छात्र था।

संस्थान ने कुछ समाचार पत्रों में 'संस्थागत हत्या' और 'जातिगत पूर्वाग्रह' जैसे आरोपों का खंडन करते हुए कहा, "जब पुलिस अभी भी मामले की जांच कर रही है तो इस तरह के आरोप लगाना गलत है। दोस्तों द्वारा दी गई शुरुआती जानकारी से ऐसा कोई संकेत नहीं मिला है कि छात्र को इस तरह के किसी भेदभाव का सामना करना पड़ा हो।"

'अम्बेडकर पेरियार फुले स्टडी सर्कल' छात्र समूह द्वारा सोलंकी की मौत को 'संस्थागत हत्या' कहे जाने के एक दिन बाद आईआईटी-बंबई का खंडन आया है।

संस्थान ने कहा कि परिसर को यथासंभव समावेशी बनाने के लिए अत्यधिक सावधानी बरती जाती है और संकाय द्वारा किसी भी तरह के भेदभाव को बर्दाश्त नहीं किया जाता है। यहां एक बार प्रवेश हो जाने के बाद किसी की भी जातिगत पहचान छात्र या संकाय के सामने प्रकट नहीं की जाती है।

आईआईटी-बॉम्बे में एक एससी/एसटी छात्र सेल है जहां छात्र भेदभाव सहित किसी भी मुद्दे के मामले को लेकर अपनी बात रख सकते हैं। संस्थान के बयान में कहा गया है कि पिछले कई वर्षों में सेल को बहुत कम शिकायतें मिली हैं, चाहे शिक्षक हो या अन्य छात्रों के खिलाफ, केवल एक मामला पाया गया और उस पर कड़ी कार्रवाई की गई।

संस्थान की तरफ से छात्रों को पुलिस जांच और आंतरिक जांच पूरा होने तक इंतजार करने को कहा गया। वहीं, एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि वे सभी कोणों से मामले की जांच कर रहें हैं।

उन्होंने कहा, "छात्रों के एक समूह ने ट्वीट किया है कि परिसर में अनुसूचित जाति के छात्रों से भेदभाव ने उन्हें आत्महत्या जैसा आत्मघाती कदम उठाने के लिए मजबूर किया। हम सभी संभावित कोणों से मामले की जांच करेंगे।"

पुलिस अधिकारी ने कहा, "हम छात्रों से भी पूछताछ करेंगे, लेकिन अभी तक मामले में दुर्घटनावश मौत की रिपोर्ट दर्ज की गई है।"

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

संबंधित खबरें