जरुरी जानकारी | आईएफसीआई का दूसरी तिमाही शुद्ध घाटा 43 करोड़ रुपये रहा
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नयी दिल्ली, 11 नवंबर ढांचागत क्षेत्र की परियोजनाओं के लिये दीर्घकालिक कर्ज देने वाले संस्थान आईएफसीआई लिमिटेड को चालू वितत वर्ष की दूसरी तिमाही में 43.30 करोड़ रुपये का एकीकृत शुद्ध घाटा हुआ। इससे पहले कंपनी को पहली तिमाही में 301.32 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था।
कंपनी ने नियामकीय सूचना में कहा है कि एक साल पहले इसी अवधि में उसे 32.32 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था। वहीं चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में उसका घाटा वर्ष की पहली तिमाही के मुकाबले कम हुआ है।
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आईएफसीआई ने शेयर बाजारों को भेजी सूचना में कहा कि चालू वित्त वर्ष की जुलाई से दिसंबर तिमाही के दौरान उसकी कुल आय बढ़कर 859.10 करोड़ रुपये हो गई। एक साल पहले इसी तिमाही में यह 709.51 करोड़ रुपये रही थी।
आलोच्य अवधि में उसकी ब्याज आय एक साल पहले के 519.54 करोड़ रुपये से बढ़कर 645.49 करोड़ रुपये हो गई।
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कंपनी ने कहा है कि रिजर्व बैंक के नियमों के तहत उसने मानक संपत्ति पर 397.15 करोड़ रुपये का अतिरिक्त प्रावधान बरकरार रखा है।
इसके साथ ही कंपनी के निदेशक मंडल ने कंपनी की प्राधिकृत शेयर पूंजी को 2,000 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 4,000 करोड़ रुपये करने को मजूरी दे दी। इसके लिये शेयरधारकों तथा अन्य प्राधिकरणों से मंजूरी लेनी होगी।
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