देश की खबरें | यदि पुलिस हालात नियंत्रित नहीं कर पाती है तो केंद्रीय बलों को बुलाया जाए : कलकत्ता उच्च न्यायालय
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. कलकत्ता उच्च न्यायालय ने सोमवार को उम्मीद जताई कि पश्चिम बंगाल सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाएगी कि पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों के खिलाफ हो रहे प्रदर्शन के दौरान कोई अप्रिय घटना न हो, लेकिन उसने साथ ही राज्य प्राधिकारियों को निर्देश दिया कि यदि स्थानीय पुलिस हालात नियंत्रित करने में नाकाम रहती है तो केंद्रीय बलों को बुलाया जाए।
कोलकाता, 13 जून कलकत्ता उच्च न्यायालय ने सोमवार को उम्मीद जताई कि पश्चिम बंगाल सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाएगी कि पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों के खिलाफ हो रहे प्रदर्शन के दौरान कोई अप्रिय घटना न हो, लेकिन उसने साथ ही राज्य प्राधिकारियों को निर्देश दिया कि यदि स्थानीय पुलिस हालात नियंत्रित करने में नाकाम रहती है तो केंद्रीय बलों को बुलाया जाए।
अदालत ने पश्चिम बंगाल सरकार को 15 जून तक स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया।
मुख्य न्यायाधीश प्रकाश श्रीवास्तव और न्यायमूर्ति आर भारद्वाज की खंडपीठ ने उम्मीद जताई कि राज्य प्राधिकारी यह सुनिश्चित करने के लिए हर आवश्यक कदम उठाएंगे कि कोई अप्रिय घटना न हो और शांति बरकरार रखी जा सके।
अदालत ने कहा, ‘‘यदि राज्य की पुलिस किसी भी स्थान पर स्थिति को नियंत्रित करने में असफल रहती है तो प्राधिकारी तत्काल कदम उठाते हुए केंद्रीय बलों को बुलाएं।’’
उच्च न्यायालय के समक्ष दायर याचिकाओं में भाजपा के पूर्व पदाधिकारियों नुपुर शर्मा और नवीन जिंदल द्वारा पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ की गई विवादास्पद टिप्पणियों को लेकर हावड़ा, मुर्शिदाबाद और नदिया जिलों में हुए हिंसक विरोध-प्रदर्शनों के मद्देनजर सेना की तैनाती किए जाने का अनुरोध किया गया है।
दायर की गई पांच याचिकाओं में से एक में पश्चिम बंगाल में हिंसक विरोध-प्रदर्शनों की जांच राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) से कराने की मांग की गई है।
पीठ ने निर्देश दिया कि मामले में अगली सुनवाई 15 जून को होगी।
राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता एस एन मुखर्जी ने याचिकाओं का विरोध करते हुए दावा किया कि नदिया जिले के बेथुंदाहरी में एक यात्री ट्रेन के क्षतिग्रस्त होने की एक घटना के अलावा पिछले 36 घंटों में कोई हिंसा नहीं हुई है।
उन्होंने अदालत से कहा कि मामले में 214 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। अदालत ने कहा कि सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान नहीं पहुंचना चाहिए।
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