विदेश की खबरें | राष्ट्रपति चुना गया तो बढ़ते अधिपत्यवाद से मुकाबले के लिए सम्मेलन आयोजित करुंगा :बाइडेन

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. अमेरिका में राष्ट्रपति पद के डेमोक्रेटिक उम्मीदवार जो बाइडेन ने कहा है कि अगर वह निर्वाचित होते हैं तो अपने कार्यकाल के पहले साल में दुनिया में ‘बढ़ते अधिपत्यवाद’ से मुकाबले के लिए, लोकतंत्रों का एक वैश्विक सम्मेलन बुलाएंगे और चुनाव सुरक्षा तथा मानवाधिकारों के मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करेंगे।

फायेटेविले (अमेरिका), दो नवंबर अमेरिका में राष्ट्रपति पद के डेमोक्रेटिक उम्मीदवार जो बाइडेन ने कहा है कि अगर वह निर्वाचित होते हैं तो अपने कार्यकाल के पहले साल में दुनिया में ‘बढ़ते अधिपत्यवाद’ से मुकाबले के लिए, लोकतंत्रों का एक वैश्विक सम्मेलन बुलाएंगे और चुनाव सुरक्षा तथा मानवाधिकारों के मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करेंगे।

बाइडेन ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर दुनिया के हर निरंकुश शासक को ‘गले लगाने’ का आरोप लगाते हुए कहा कि इससे अमेरिका की विश्वसनीयता कम हुई है।

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पूर्व उप राष्ट्रपति ने रविवार को वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से कहा, ‘‘एक चीज जिसने हमें बहुत बुरी तरह आहत किया है वह है कि इस राष्ट्रपति ने दुनिया के हर ठग और निरंकुश शासक को गले लगाया है और इससे हमारी विश्वसनीयता कम हुई है।’’

बाइडेन ने कहा, ‘‘मैं दुनिया में बढ़ते अधिपत्यवाद का मुकाबला करने के लिए लोकतांत्रिक समुदायों को प्रोत्साहित करुंगा। मेरे शासन के पहले साल में हम चुनाव सुरक्षा, मानवाधिकारों आदि विषयों पर ध्यान देने के लिए दुनिया के लोकतंत्रों का सम्मेलन आयोजित करेंगे।’’

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चीन पर पूछे गये सवालों के जवाब में उन्होंने कहा कि व्यापार, मानवाधिकार और सुरक्षा तीन प्रमुख मुद्दे हैं।

चीन के प्रति ट्रंप की नीतियों की आलोचना करते हुए बाइडेन ने कहा, ‘‘ट्रंप ने हर बार चीनी नेताओं से मेलजोल बढ़ाया। ट्रंप ने उन्हें लाखों चीनी उइघरों को बंदी शिविरों में रखने की हरी झंडी दी।’’

बाइडेन (77) के खेमे ने चीन के शिनझियांग प्रांत में उइघर मुस्लिमों के कथित मानवाधिकार उल्लंघनों को ‘नरसंहार’ की संज्ञा दी है और चीन के निरंकुश शासन के हाथों जातीय अल्पसंख्यकों के दमन की कार्रवाई के खिलाफ एकजुटता दिखाने के लिए अंतरराष्ट्रीय प्रयासों की वकालत की है।

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