देश की खबरें | मराठा आरक्षण अधिनियम पर शीर्ष न्यायालय की रोक से स्तब्ध हूं : फड़णवीस

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. भाजपा नेता एवं महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस ने बृहस्पतिवार को कहा कि मराठा आरक्षण के क्रियान्वयन पर रोक लगाने के उच्चतम न्यायालय के फैसले से वह स्तब्ध हैं।

एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

मुंबई, 17 सितंबर भाजपा नेता एवं महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस ने बृहस्पतिवार को कहा कि मराठा आरक्षण के क्रियान्वयन पर रोक लगाने के उच्चतम न्यायालय के फैसले से वह स्तब्ध हैं।

विधानसभा में विपक्ष के नेता फड़णवीस ने कहा कि शीर्ष न्यायालय का इस संबंध में फैसला असाधारण है, क्योंकि बंबई उच्च न्यायालय ने महाराष्ट्र में सरकारी नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में मराठा समुदाय के लोगों को आरक्षण मुहैया करने वाले 2018 के अधिनियम को कायम रखा था।

यह भी पढ़े | BJP MP Ashok Gasti Dies of Coronavirus: बीजेपी के राज्यसभा सांसद अशोक गास्ती का निधन, COVID-19 से थे संक्रमित.

उल्लेखनीय है कि शीर्ष न्यायालय ने पिछले हफ्ते इस अधिनियम के क्रियान्वयन पर स्थगन आदेश जारी किया और इसे एक बड़ी संविधान पीठ के पास भेज दिया।

फड़णवीस ने एक न्यूज चैनल से कहा, ‘‘जब मैंने शीर्ष न्यायालय के स्थगन आदेश के बारे में सुना, तब मैं स्तब्ध रह गया। ’’

यह भी पढ़े | RJD MLA Arun Yadav on SSR Case: आरजेडी विधायक अरुण यादव का सुशांत सिंह राजपूत को लेकर विवादित बयान, क्षत्रिय होने पर उठाया सवाल (Watch Video).

यह अधिनियम उस वक्त पारित किया गया था, जब राज्य में फड़णवीस नीत भाजपा-शिवसेना सरकार सत्ता में थी।

उन्होंने इस मुद्दे को लेकर राज्य की मौजूदा शिवसेना नीत सरकार पर तंज भी किया।

उन्होंने कहा, ‘‘तार्किक दलील देने के बजाय कुछ नेता इस विषय को लेकर केंद्र पर उंगली उठा रहे हैं। यह अपने खराब कामकाज से ध्यान भटकाने का बचकाना बहाना है। ’’

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

\