विदेश की खबरें | लोग अपने घरों को जलवायु परिवर्तन से कैसे सुरक्षित रख सकते हैं
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. मेलबर्न, 22 मई (360इन्फो) जलवायु के लिहाज से अनुकूल आवास ऑस्ट्रेलियाई लोगों को जलवायु परिवर्तन के जोखिम से बचा सकते हैं।
मेलबर्न, 22 मई (360इन्फो) जलवायु के लिहाज से अनुकूल आवास ऑस्ट्रेलियाई लोगों को जलवायु परिवर्तन के जोखिम से बचा सकते हैं।
पिछली गर्मियों में जलवायु संबंधी चरम स्थितियों की वजह से ऑस्ट्रेलिया के लोगों के घरों और आजीविका पर गंभीर असर पड़ा। पूर्वी तट के निचले क्षेत्र में बाढ़ के चलते 5000 से अधिक घर क्षतिग्रस्त या नष्ट हो गए, और अकेले क्वींसलैंड में पांच लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए।
हर किसी का यही सवाल है: "अगली बार क्या होगा?"
जलवायु परिवर्तन की वजह से पहले से ही अधिक गर्मी और आग लगने जैसी घटनाओं में वृद्धि हो रही है, और यह आशंका है कि सूखा तथा अत्यधिक वर्षा जैसी दोनों स्थितियां भीषण हो जाएंगी।
भविष्य में जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से निपटने के लिए जलवायु के लिहाज से अधिक अनुकूल घरों की आवश्यकता है।
हमें गर्मी में ठंडक बनाए रखने के साथ-साथ विपरीत मौसम, हवा, बारिश, कीड़ों और धुएं से बचने के लिए रणनीतियों की आवश्यकता होगी।
ऐसी सामग्री की आवश्यकता है जो कठोर परिस्थितियों का सामना करने में सक्षम हो, जिससे ऊर्जा बचाने में मदद मिले और जिससे ग्रीनहाउस गैसों का उत्सर्जन कम हो ताकि जलवायु परिवर्तन की स्थिति और खराब न हो।
गर्म होती जलवायु में अपने घरों को ठंडा रखने की रणनीतियों को जलवायु क्षेत्रों की विविधता के प्रति संवेदनशील रखे जाने की आवश्यकता है। उदाहरण के लिए मिल्डूरा और मेलबर्न जैसे शहरों में घरों को इमारतों में उच्च स्तर के तापावरोधन और खिड़कियों पर प्रभावी छायाकृतियों के संयोजन से अत्यधिक गर्मी से बचाया जा सकता है।
वहीं, फ्लाईस्क्रीन रात के दौरान ठंडक के लिए खिड़कियों को खुला रखने के साथ कीटजनित बीमारियों से बचा सकते हैं।
हालांकि, उत्तरी क्षेत्र जैसे गर्म क्षेत्रों में, घरों को ठंडा रखने के लिए कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने के वास्ते अत्यधिक मजबूत वातानुकूलन प्रणाली और सौर फोटोवोल्टिक छत पैनल जैसी नवीकरणीय ऊर्जा आपूर्ति तक पहुंच की आवश्यकता होगी।
घरों को जलवायु परिवर्तन के अनुकूल बनाने के लिए निर्माण सामग्री में भी परिवर्तन की आवश्यकता हो सकती है। हल्के रंग की छतें और दीवारें धूप को परावर्तित करेंगी और हमारे घरों को ठंडा रखेंगी।
'हरित' या वनस्पति युक्त छतें गर्म दिनों के दौरान छत के तापमान को कम कर सकती हैं, हमारे घरों में गर्मी का असर कम कर सकती हैं और उनके आसपास के वातावरण को ठंडा कर सकती हैं। हरित छतें अधिक पानी भी सोखती हैं और ये भारी बारिश की घटनाओं के दौरान मददगार हो सकती हैं।
जिस जगह पर घर बनाया जाए, वहां के आसपास का वातावरण भी तापमान को कम करने में सहायक हो सकता है। आसपास पेड़ लगाए जाने पर छाया और शुद्ध ऑक्सीजन मिलेगी। साथ ही पौधों से होने वाला वाष्पीकरण वातावरण को ठंडा रखेगा। सूखा रोधी पौधों से गर्मी का प्रभाव कम होगा।
थोड़ा और ध्यान दिया जाए तो यह सुनिश्चित किया जा सकता है कि मकान में और आसपास कहीं पानी रुकने न पाए बल्कि बहता रहे ताकि मच्छरों को पनपने का मौका न मिल सके।
(360इन्फो.ओआरजी)
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