देश की खबरें | 1800 पृष्ठ के आरोप पत्र में कैसे नहीं मिला सबूत: कांडा के बरी होने पर गीतिका के भाई ने पूछा
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. विमान परिचारिका गीतिका शर्मा को आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में हरियाणा के पूर्व मंत्री गोपाल कांडा को दिल्ली की एक अदालत द्वारा बरी किए जाने के बाद 11 साल से “भावनात्मक कष्ट” का सामना कर रहा शर्मा का परिवार टूट गया है। गीतिका शर्मा के भाई अंकित शर्मा ने मंगलवार को यह बात कही।
नयी दिल्ली, 25 जुलाई विमान परिचारिका गीतिका शर्मा को आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में हरियाणा के पूर्व मंत्री गोपाल कांडा को दिल्ली की एक अदालत द्वारा बरी किए जाने के बाद 11 साल से “भावनात्मक कष्ट” का सामना कर रहा शर्मा का परिवार टूट गया है। गीतिका शर्मा के भाई अंकित शर्मा ने मंगलवार को यह बात कही।
अंकित ने कहा, “66 साल के मेरे पिता फैसला आने के बाद से स्तब्ध हैं।”
उन्होंने कहा कि उनके पास मुकदमा लड़ने के लिए साधन नहीं हैं और सरकार को आदेश के खिलाफ अपील दायर करनी चाहिए।
अंकित ने दावा किया कि उनकी जान को खतरा है।
कांडा की ‘एमएलडीआर’ कंपनी में काम करने वाली गीतिका शर्मा पांच अगस्त 2012 को उत्तर-पश्चिमी दिल्ली के अशोक विहार में अपने घर पर मृत पाई गई थीं। चार अगस्त के उनके सुसाइड नोट में शर्मा ने कहा था कि वह कांडा और अरुणा चड्ढा के “उत्पीड़न” से तंग आकर आत्महत्या कर रही हैं।
प्रभावशाली नेता कांडा को उनके खिलाफ मामला दर्ज होने के बाद गृह राज्यमंत्री के पद से इस्तीफा देना पड़ा था। गीतिका के आत्महत्या करने के छह महीने बाद उनकी मां ने भी खुदकुशी कर ली थी।
अंकित ने फोन पर ‘पीटीआई-’ से कहा, “हमारे लिए 11 वर्ष भावनात्मक रूप से उथल-पुथल भरे रहे हैं। यह 11 सालों की लंबी लड़ाई का अंजाम है। हम अब अपनी जान को लेकर डरे हुए हैं। यह हमारे लिए जानलेवा स्थिति है।”
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