विदेश की खबरें | हूती विद्रोहियों ने टैंकर पर बम लगाने का वीडियो जारी किया, लाल सागर में तेल रिसाव का खतरा

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. हूती विद्रोहियों के बार-बार हमला करने के बाद चालक दल के सदस्य पोत छोड़कर चले गए थे।

श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

हूती विद्रोहियों के बार-बार हमला करने के बाद चालक दल के सदस्य पोत छोड़कर चले गए थे।

वीडियो में दिख रहा है कि तेल टैंकर ‘सोनियन’ पर लगाए गए बम में विस्फोट के समय ईरान समर्थित हूती विद्रोही अपना आदर्श वाक्य गा रहे हैं- ‘‘अल्लाह सबसे महान है; अमेरिका मुर्दाबाद, इजराइल मुर्दाबाद, यहूदियों को श्राप मिले, इस्लाम की जय हो।’’

हूती विद्रोहियों द्वारा पोत को निशाना बनाकर किए जाने वाले हमलों के कारण एक हजार अरब अमेरिकी डॉलर के उस सामान की आपूर्ति बाधित हुई है, जो इजराइल-हमास युद्ध के मद्देनजर हर साल गाजा पट्टी में लाल सागर के जरिये भेजा जाता है। इसके अलावा, इन हमलों के कारण संघर्ष से पीड़ित सूडान और यमन में भी सहायता सामग्री की आपूर्ति बाधित हुई है।

हूती विद्रोहियों ने 21 अगस्त को जब छोटे हथियारों, प्रक्षेपास्त्रों और एक ड्रोन बोट से हमला किया था, तब ‘सोनियन’ में लगभग 10 लाख बैरल तेल था। हमले के कारण चालक दल के सदस्य पोत छोड़कर चले गए थे, जिसके बाद यूरोपीय संघ के ‘ऑपरेशन एस्पाइड्स’ के तहत कार्यरत एक फ्रांसीसी विध्वंसक ने ‘सोनियन’ के चालक दल के सदस्यों को बचाया था, जिनमें फिलीपीन और रूस के 25 नागरिकों के अलावा चार निजी सुरक्षा कर्मी शामिल थे। पोत को जिबूती ले जाया गया था।

फुटेज में नकाबपोश हूती लड़ाके कलाश्निकोव-शैली की राइफल लेकर ‘सोनियन’ पर चढ़ते दिखाई दे रहे हैं। इसके बाद लड़ाकों ने ‘डेक’ पर तेल टैंकर से जुड़े ‘हैच’ पर विस्फोटक लगा दिए। फुटेज में कम से कम छह धमाके एक साथ होते देखे जा सकते हैं।

पश्चिमी देशों और संयुक्त राष्ट्र ने चेतावनी दी है कि ‘सोनियन’ से तेल रिसाव लाल सागर के आसपास प्रवाल भित्तियों और वन्यजीवों को तबाह कर सकता है। हालांकि, इस क्षेत्र में मौजूद यूरोपीय संघ के नौसैनिक बल का कहना है कि उसने अभी तक ‘सोनियन’ से कोई तेल रिसाव नहीं देखा है।

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