देश की खबरें | विकास का इंतजार खत्म होने की आस : चीन के सीमावर्ती गांव के सरपंच
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. भारत-चीन सीमा पर स्थित गांवों के सरपंचों का मानना है कि नरेन्द्र मोदी सरकार के ‘वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम’ से उनके क्षेत्र में विकास का इंतजार खत्म होगा और उन्हें भी बेहतर शिक्षा, स्वास्थ्य देखभाल और आजीविका के अवसर मिल सकेंगे।
नयी दिल्ली, 14 अगस्त भारत-चीन सीमा पर स्थित गांवों के सरपंचों का मानना है कि नरेन्द्र मोदी सरकार के ‘वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम’ से उनके क्षेत्र में विकास का इंतजार खत्म होगा और उन्हें भी बेहतर शिक्षा, स्वास्थ्य देखभाल और आजीविका के अवसर मिल सकेंगे।
उत्तराखंड के चमोली जिले के माणा गांव के सरपंच पीतांबर सिंह ने कहा, ‘‘हम 11,000 फुट की ऊंचाई पर रहते हैं। पहले तो अधिकारी गांवों में आते भी नहीं थे और अपने दफ्तर में बैठकर रजिस्टर में दौरा दिखा दिया करते थे।’’
उन्होंने यह भी कहा, ‘‘विकास और रोजगार के अवसरों की कमी ने बड़ी संख्या में लोगों को शहरों की ओर पलायन करने के लिए मजबूर किया। लेकिन हमें उम्मीद है कि वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम के तहत जमीनी स्तर पर काम करने की प्रतिबद्धता से समस्या का समाधान हो जाएगा। हम पहले से ही प्रशासन और समुदायों के बीच बातचीत होते देख सकते हैं।’’
अरुणाचल प्रदेश के ताबा गांव के कोकम कानी ने कहा, ‘‘हमारा सर्कल कुरुंग कुमेय जिले में है। यहां केवल मुख्यालय और सर्कल मुख्यालय सड़क के माध्यम से जुड़े हुए हैं। गांवों तक अभी भी सड़क नहीं बनी है। विकास की कमी के कारण लोग ईटानगर जैसे शहरों और देश के अन्य हिस्सों में जा चुके हैं। यदि यह कार्यक्रम सीमावर्ती क्षेत्रों में सफलतापूर्वक लागू हो जाता है, तो ये लोग निश्चित रूप से वापस आएंगे।’’
केंद्रीय जनजातीय मामलों के मंत्री अर्जुन मुंडा ने कहा कि सरकार भारत के ‘अंतिम गांवों’ को ‘प्रथम गांवों’ में बदलने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य सीमावर्ती गांवों में रोजगार के अवसर पैदा करना, हर मौसम में सड़क संपर्क स्थापित करना, मजबूत संचार नेटवर्क, पेयजल आपूर्ति में सुधार, शिक्षा और स्वास्थ्य देखभाल सुविधाओं को बढ़ाना और अन्य सुविधा उपलब्ध कराना है।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)