देश की खबरें | उम्मीद है कि कनाडा खालिस्तान समर्थक तत्वों के खिलाफ कार्रवाई करेगा: भारत
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. भारतीय नेताओं और राजनयिकों को धमकी देने वाले खालिस्तान समर्थक तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं करने को लेकर भारत ने बृहस्पतिवार को कनाडा की आलोचना की।
नयी दिल्ली, 25 जुलाई भारतीय नेताओं और राजनयिकों को धमकी देने वाले खालिस्तान समर्थक तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं करने को लेकर भारत ने बृहस्पतिवार को कनाडा की आलोचना की।
कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो को कथित रूप से ऑनलाइन धमकी देने वाले दो लोगों के खिलाफ वहां के अधिकारियों द्वारा कार्रवाई किये जाने के कुछ दिन बाद, भारत ने यह टिप्पणी की।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा, ‘‘जब कोई लोकतंत्र कानून के शासन और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को लागू करने के लिए अलग-अलग मानदंड अपनाता है, तो यह केवल उसके अपने दोहरे मापदंड को ही उजागर करता है।’’
भारत लगातार कनाडा पर दबाव बना रहा है कि वह अपनी धरती से सक्रिय भारत विरोधी तत्वों के खिलाफ कार्रवाई करे।
पिछले कुछ महीनों में खालिस्तान समर्थक तत्वों ने कनाडा में कई स्थानों पर हिंसक नारों के साथ भारतीय नेताओं और भारतीय राजनयिकों की तस्वीरें प्रदर्शित की हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘हम उम्मीद करते हैं कि कनाडा उन भारत विरोधी तत्वों के खिलाफ कार्रवाई करेगा जिन्होंने बार-बार भारतीय नेताओं, संस्थाओं, एयरलाइन और राजनयिकों को धमकी दी है।’’
जायसवाल ने कहा, ‘‘हम चाहते हैं कि हमारे खिलाफ दी जाने वाली धमकियों पर भी उसी तरह की कड़ी कार्रवाई हो।’’
कनाडा के एडमोंटन में एक मंदिर में तोड़फोड़ की खबरों पर जायसवाल ने कहा कि भारत ने इस मामले को ओटावा के समक्ष जोरदार तरीके से उठाया है।
उन्होंने कहा, ‘‘हमने दिल्ली और ओटावा दोनों जगहों पर कनाडाई अधिकारियों के समक्ष इस मामले को जोरदार तरीके से उठाया है। हम तोड़फोड़ की निंदा करते हैं।’’
जायसवाल ने कहा, ‘‘हम उम्मीद करते हैं कि स्थानीय अधिकारी इस घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी और त्वरित कार्रवाई करेंगे। मंदिरों पर हमले बार-बार होने वाली घटनाएं बन गई हैं।’’
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने हाल के दिनों में हुई ऐसी ही घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई न होने से उनका हौसला और बढ़ गया है।
उन्होंने कहा, ‘‘हमने हाल के दिनों में कनाडा में ऐसी कई घटनाएं देखी हैं। अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई न होने से ऐसे आपराधिक तत्वों का हौसला और बढ़ गया है।’’
उन्होंने कहा कि चरमपंथ और हिंसा की वकालत करने वालों और इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘हमें उम्मीद है कि कनाडा सरकार कार्रवाई करेगी।’’
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