हांगकांग पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस के गोले दागे, पानी की बौछार की

आलोचकों ने इसे ‘‘एक देश, दो व्यवस्थाओं’’ की रूपरेखा के खिलाफ बताया है जो शहर को वो आजादी देता है जो चीनी भूभाग में लोगों को हासिल नहीं है।

हांगकांग में लोकतंत्र समर्थकों ने चीन के पिछले हफ्ते के इस प्रस्ताव का कड़ा विरोध किया है। चीन की राष्ट्रीय संसद के शुक्रवार को शुरू हुए सत्र के पहले दिन सौंपे गए इस प्रस्तावित विधेयक का उद्देश्य अलगाववादियों और विध्वंसक गतिविधियों को रोकने के साथ ही अर्धस्वायत्त क्षेत्र में विदेशी हस्तक्षेप पर रोक लगाना है।

आलोचकों ने इसे ‘‘एक देश, दो व्यवस्थाओं’’ की रूपरेखा के खिलाफ बताया है जो शहर को वो आजादी देता है जो चीनी भूभाग में लोगों को हासिल नहीं है।

रविवार दोपहर को काले कपड़े पहने हुए प्रदर्शनकारी मशहूर ‘‘शॉपिंग डिस्ट्रिक्ट कॉजवे बे’’ में एकत्रित हुए और प्रस्तावित कानून के खिलाफ प्रदर्शन करने लगे।

प्रदर्शनकारियों ने ‘‘हांगकांग के साथ खड़े हों’’, ‘‘हांगकांग को आजाद करो’’ और ‘‘हमारे दौर की क्रांति’’ जैसे नारे लगाए।

यह प्रदर्शन हांगकांग में पिछले साल महीनों तक चले लोकतंत्र समर्थक आंदोलन का हिस्सा है जिसने कई बार पुलिस एवं प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसक झड़प का रूप भी ले लिया था।

पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाने की चेतावनी देने के लिए नीले झंडे दिखाए और बाद में आंसू गैस के कई गोले दागे। बाद में उन्होंने प्रदर्शनकारियों पर पानी की बौछार भी की।

पुलिस ने फेसबुक पर एक पोस्ट में कहा कि कम से कम 120 लोगों को गिरफ्तार किया गया और ज्यादातर पर गैरकानूनी ढंग से एकत्र होने का आरोप लगाया गया है।

एक अन्य पोस्ट में पुलिस ने कहा कि प्रदर्शनकारियों ने अधिकारियों पर ईंटें और अज्ञात द्रव फेंका जिससे पुलिस की मीडिया संपर्क टीम के चार सदस्य घायल हो गए। उन्होंने आगाह किया कि ऐसा व्यवहार कानून के खिलाफ है और पुलिस मामले की जांच करेगी।

इससे पहले पुलिस ने अवैध रूप से जमा होने के आरोप में प्रदर्शन के दौरान प्रतिष्ठित कार्यकर्ता टैम टैक-ची को गिरफ्तार कर लिया गया।

रविवार के प्रदर्शन के लिए जिम्मेदार इस विधेयक को शुक्रवार को चीन की राष्ट्रीय संसद में पेश किया गया और इसके 28 मई को पारित होने की उम्मीद है। यह हांगकांग के कानून को खत्म कर देगा और शहर की सरकार को शहर में भूभाग की एजेंसियों को स्थापित करने की अनुमति देगा तथा चीनी एजेंटों को मनमाने ढंग से उन लोगों को गिरफ्तारी करने का अधिकार देगा जो लोकतंत्र समर्थक हैं।

अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ ने इस कदम को उस “उच्चस्तरीय स्वायत्ता के लिए मौत की घंटी बताया है” जिसके लिए बीजिंग ने 1997 में वादा किया था।

एपी

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