देश की खबरें | भ्रष्टाचार में लिप्त झारखंड के नेताओं, अधिकारियों के खिलाफ उच्चस्तरीय जांच जारी: चौबे
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रामगढ़ (झारखंड), 16 मई केंद्रीय मंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने सोमवार को कहा कि झारखंड में भ्रष्टाचार से कथित तौर पर जुड़े अनेक नेताओं और सरकारी अधिकारियों के खिलाफ उच्चस्तरीय जांच चल रही है और केंद्र सरकार इस तरह की गतिविधियों के खिलाफ जब भी जरूरत पड़ेगी, अपना ‘जिहाद’ जारी रखेगी।
चौबे ने कहा कि केंद्र के पास पिछले ढाई साल में झारखंड में अनियंत्रित लूट और भ्रष्टाचार की खबरें हैं, जब से राज्य में झारखंड मुक्ति मोर्चा की सरकार है। उन्होंने यहां संवाददाताओं से कहा कि कई अधिकारी और नेता राज्य में भ्रष्टाचार में लिप्त पाये गये हैं और केंद्र सरकार उन पर नजर रख रही है।
उपभोक्ता मामले, खाद्य, जन वितरण और पर्यावरण राज्य मंत्री ने कहा, ‘‘कल्याण और विकास का धन जनता का पैसा है। यदि कोई इसे अपनी जेब में डालने की कोशिश करेगा तो उसे सलाखों के पीछे डाला जाएगा।’’
उन्होंने राजरप्पा में प्रसिद्ध छिन्नमस्तिका मंदिर में दर्शन करने के बाद कहा कि भ्रष्टाचार में लिप्त लोगों को जल्द पहचाना जाएगा और उनके खिलाफ कार्रवाई शुरू की जाएगी।
कुछ ही दिन पहले झारखंड की खनन सचिव पूजा सिंघल को प्रवर्तन निदेशालय ने खूंटी में मनरेगा के धन के कथित गबन और अन्य संदिग्ध वित्तीय लेनदेन से जुड़े धनशोधन के मामले में गिरफ्तार किया है।
चौबे ने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार पिछले आठ साल से केंद्र की सत्ता में है लेकिन उसके खिलाफ भ्रष्टाचार का एक भी आरोप नहीं लगा है। उन्होंने कहा, ‘‘मोदी सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ जहां जरूरत पड़ेगी, जिहाद जारी रखेगी।’’
उन्होंने एक अन्य प्रश्न के उत्तर में कहा कि यदि कोयला खनन परियोजनाओं से पर्यावरण तथा पारिस्थितिकी संतुलन पर असर नहीं होता तो इसके लिए कोयला कंपनियों को मंजूरी देने में कोई देरी नहीं की जाएगी।
चौबे ने कहा, ‘‘हम संबंधित राज्य सरकारों की सिफारिशों के बाद खनन गतिविधियों के लिए वन भूमि अंतरण करते हैं और ये खनन पर्यावरण अनुकूल होना चाहिए।’’
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