देश की खबरें | जेएनयू में कोविड देखभाल केंद्र को लेकर उच्च न्यायालय ने दिल्ली सरकार की खिंचाई की
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. दिल्ली उच्च न्यायालय ने बृहस्पतिवार को जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में कोविड देखभाल केंद्र का संचालन करने में निष्क्रियता और सुस्ती को लेकर दिल्ली सरकार की खिंचाई की। हालांकि विश्वविद्यालय परिसर में कोविड देखभाल केंद्र के लिए जगह को पहले ही चिह्नित किया जा चुका है।
नयी दिल्ली, 13 जनवरी दिल्ली उच्च न्यायालय ने बृहस्पतिवार को जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में कोविड देखभाल केंद्र का संचालन करने में निष्क्रियता और सुस्ती को लेकर दिल्ली सरकार की खिंचाई की। हालांकि विश्वविद्यालय परिसर में कोविड देखभाल केंद्र के लिए जगह को पहले ही चिह्नित किया जा चुका है।
न्यायमूर्ति रेखा पल्ली ने कहा कि यह दिल्ली सरकार की निष्क्रियता है जिसके कारण आज तक कोविड देखभाल केंद्र का संचालन नहीं हो पाया।
अदालत द्वारा कहा गया, ‘‘ऐसा लगता है कि अदालत के बार-बार आदेश देने के बावजूद जेएनयू परिसर में एक कोविड केंद्र स्थापित करने के निर्देश का अक्षरश: पालन नहीं किया गया, जबकि प्रतिवादी संख्या 1 (जेएनयू) ने पहले ही केंद्र स्थापित करने के लिए साबरमती छात्रावास के अंदर एक जगह निर्धारित कर दी थी, यह दिल्ली सरकार की निष्क्रियता है जिसके कारण कोविड केंद्र का संचालन आज तक नहीं हुआ।’’
अदालत ने दिल्ली सरकार के वकील को यह जानकारी प्राप्त करने के लिए समय दिया कि अदालत के निर्देशों को क्यों लागू नहीं किया गया। इस मामले की अगली सुनवाई 19 जनवरी को होगी।
अदालत जेएनयू शिक्षक संघ और अन्य की उस याचिका पर सुनवाई कर रही थी जिसमें विश्वविद्यालय के परिसर में एक प्रस्तावित कोविड देखभाल केंद्र के लिए बुनियादी ढांचा और चिकित्सा कर्मचारी उपलब्ध कराने की मांग की गई थी।
याचिकाकर्ताओं के वकील ने पहले कहा था कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने साबरमती छात्रावास में एक कोविड केंद्र स्थापित करने के लिए जगह निर्धारित की है, लेकिन चिकित्सक और आवश्यक बुनियादी ढांचा उपलब्ध नहीं है। संक्रमण की ‘काफी अधिक’ संख्या को देखते हुए 13 मई, 2021 को अदालत ने निर्देश दिया था कि परिसर में रह रहे कोरोनो वायरस से संक्रमित लोगों के तत्काल पृथकवास के लिए जेएनयू में एक कोविड देखभाल केंद्र स्थापित किया जाए।
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