देश की खबरें | उच्च न्यायालय ने प. बंगाल सरकार से पूजा समितियों को 50 हजार रुपये देने का औचित्य पूछा

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. कलकत्ता उच्च न्यायालय ने पश्चिम बंगाल सरकार से जानना चाहा है कि जब कोविड-19 महामारी की वजह से राज्य में मितव्ययता के उपाय किये जा रहे है तो सामुदायिक दूर्गा पूजा के लिए 50 हजार रुपये देने का क्या औचित्य है।

एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

कोलकाता, 15 अक्टूबर कलकत्ता उच्च न्यायालय ने पश्चिम बंगाल सरकार से जानना चाहा है कि जब कोविड-19 महामारी की वजह से राज्य में मितव्ययता के उपाय किये जा रहे है तो सामुदायिक दूर्गा पूजा के लिए 50 हजार रुपये देने का क्या औचित्य है।

सामुदायिक दूर्गा पूजा समितियों को 50 हजार रुपये देने संबंधी सरकार के फैसले को चुनौती देने वाली एक याचिका की सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति संजीव बनर्जी और अरिजीत बनर्जी की एक खंडपीठ ने यह भी जानना चाहा कि क्या ईद जैसे अन्य त्योहारों के लिए वित्तीय सहायता दी जा रही है।

यह भी पढ़े | Bihar Assembly Election 2020: सुशील मोदी ने तेजस्वी यादव पर चुनावी शपथ पत्र में जानकारी छिपाने का लगाया आरोप.

खंडपीठ ने राज्य सरकार से यह भी पूछा कि क्या इस तरह के खर्च के लिए कोई दिशानिर्देश दिया गया है क्योंकि यह सार्वजनिक धन है जिसे पूजा आयोजकों को अनुदान के रूप में दिया जा रहा है।

राज्य सरकार ने अदालत को बताया कि आर्थिक मदद कोविड-19 नियंत्रण, सैनिटाइटर और मास्क की खरीद पर सार्वजनिक जागरूकता बढ़ाने के लिए है।

यह भी पढ़े | पंजाब में कोविड-19 के 511 नए मामले आए सामने, एक दिन में 29 मरीजों की मौत, संक्रमितों की संख्या बढ़कर 1,26,230 हुई: 15 अक्टूबर 2020 की बड़ी खबरें और मुख्य समाचार LIVE.

पीठ ने कहा कि व्यय के खातों को अच्छी तरह से बनाए रखा जाना चाहिए। पीठ ने सुझाव दिया कि राज्य की ओर से पेश महाधिवक्ता किशोर दत्ता, याचिकाकर्ता की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता विकास भट्टाचार्य ऐसे सभी मामलों पर एक बैठक करें और शुक्रवार को इसके नतीजों के बारे में अदालत को सूचित करे।

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने 24 सितम्बर को राज्य की प्रत्येक पूजा समिति को 50 हजार रुपये की आर्थिक मदद देने की घोषणा की थी।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

\