देश की खबरें | ‘हेपेटाइटिस’ और शराब की लत पर नियंत्रण से यकृत कैंसर को रोका जा सकता है: लांसेट रिपोर्ट

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. दुनिया में यकृत कैंसर के हर पांच में से तीन से ज्यादा मामलों को हेपेटाइटिस (यकृत में सूजन), शराब पीने की लत और ‘नॉन-अल्कोहोलिक फैटी लिवर’ जैसी समस्याओं को नियंत्रित करके रोका जा सकता है। ‘द लैंसेट कमीशन’ की विश्लेषण रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई।

नयी दिल्ली, 29 जुलाई दुनिया में यकृत कैंसर के हर पांच में से तीन से ज्यादा मामलों को हेपेटाइटिस (यकृत में सूजन), शराब पीने की लत और ‘नॉन-अल्कोहोलिक फैटी लिवर’ जैसी समस्याओं को नियंत्रित करके रोका जा सकता है। ‘द लैंसेट कमीशन’ की विश्लेषण रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई।

‘नॉन-अल्कोहोलिक फैटी लिवर’ एक ऐसी स्थिति है जिसमें अत्यधिक शराब का सेवन नहीं करने के बावजूद यकृत में अतिरिक्त वसा जमा हो जाती है।

हांगकांग कैंसर संस्थान, फुडान विश्वविद्यालय तथा चीन, दक्षिण कोरिया, अमेरिका और यूरोप के अन्य शोधकर्ताओं ने यह रिपोर्ट तैयार की है।

शोधकर्ताओं की टीम ने अनुमान लगाया कि यकृत कैंसर के मामलों में ‘मेटाबॉलिक डिसफंक्शन-असोसिएटेड स्टीटोहेपेटाइटिस’ के कारण 35 प्रतिशत की बढ़ोतरी हो सकती है। ‘मेटाबॉलिक डिसफंक्शन-असोसिएटेड स्टीटोहेपेटाइटिस’ बीमारी यकृत में अत्यधिक चर्बी जमा होने से होती है।

‘जर्नल ऑफ हेपेटोलॉजी’ में 2022 में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, यकृत कैंसर 46 देशों में कैंसर से होने वाली मौतों के तीन प्रमुख प्रकारों में से एक है।

लेखक और ‘द चाइनीज यूनिवर्सिटी ऑफ हांगकांग’ के ‘क्लिनिकल ऑन्कोलॉजी’ विभाग के प्रोफेसर स्टीफन चा ने कहा कि ‘द लांसेट कमीशन’ की रिपोर्ट के अनुसार, देश हेपेटाइटिस, शराब पीने की लत और मोटापे जैसे जोखिम कारणों पर ध्यान देकर यकृत कैंसर को रोक सकते हैं और लोगों की जान बचा सकते हैं।

रिपोर्ट के लेखकों ने कहा कि यकृत में अतिरिक्त वसा के जमा होने की बढ़ती समस्या को लेकर विशेष रूप से अमेरिका, यूरोप और एशिया में मधुमेह और मोटापे से ग्रस्त लोगों पर ध्यान केंद्रित करते हुए सार्वजनिक, चिकित्सकीय और राजनीतिक स्तर पर जागरूकता पैदा करने की आवश्यकता है।

दुनिया में बढ़ती जनसंख्या और जोखिम कारकों की व्यापकता के बढ़ने के कारण विश्व स्तर पर यकृत कैंसर के मामलों में वृद्धि होने की आशंका है तथा अध्ययनों से यह अनुमान लगाया गया है कि 2040 तक ऐसे मामलों में लगभग 55 प्रतिशत की वृद्धि होगी।

‘द लांसेट कमीशन’ की रिपोर्ट में यकृत कैंसर के वार्षिक मामलों में दो से पांच प्रतिशत की कमी लाने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे संभावित रूप से यकृत कैंसर के 1.7 करोड़ मामलों और 1.5 करोड़ मौतों को रोका जा सकता है

रिपोर्ट में ‘हेपेटाइटिस-बी’ और ‘सी’ के लिए टीकाकरण और जांच बढ़ाने के लिए अधिक प्रयास किए जाने तथा शराब पीने पर प्रतिबंध लगाने वाली नीतियां सुझाई गई हैं।

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