कोच्चि, 31 अगस्त केरल फिल्म कर्मचारी महासंघ (एफईएफकेए) ने शनिवार को कहा कि वह न्यायमूर्ति हेमा समिति की रिपोर्ट के संबंध में आरोपों का सामना कर रहे सदस्यों का बचाव नहीं करेगा और अगर ऐसे सदस्यों को गिरफ्तार किया गया तो उन्हें महासंघ से निलंबित कर दिया जाएगा।
महासंघ के महासचिव बी. उन्नीकृष्णन ने यहां कहा कि यदि एफईएफकेए को ऐसी किसी शिकायत के बारे में पता चलता है तो वह स्वयं पुलिस को इस संबंध में प्रासंगिक जानकारी उपलब्ध कराएगा।
एफईएफकेए मलयालम फिल्म उद्योग के 21 श्रमिक संगठनों का शीर्ष निकाय है।
उन्नीकृष्णन ने स्वीकार किया कि महासंघ के कुछ सदस्यों पर भी आरोप लगे हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘अगर हमारे किसी सदस्य के खिलाफ सिर्फ प्राथमिकी दर्ज की जाती है तो हम तुरंत कोई कार्रवाई नहीं करेंगे। लेकिन अगर पुलिस बाद में कोई रिपोर्ट दर्ज करती है, अदालत उस व्यक्ति के खिलाफ कोई टिप्पणी करती है या उसे गिरफ्तार किया जाता है, तो उस व्यक्ति को महासंघ से निलंबित कर दिया जाएगा।’’
फिल्म निर्माता ने उन आरोपों को भी खारिज कर दिया कि विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट में चौंकाने वाले खुलासे पर महासंघ चुप्पी साधे रहा।
उन्नीकृष्णन ने कहा कि समिति के अधिकांश सदस्य रिपोर्ट पर आधिकारिक बयान देने से पहले महासंघ में शामिल 21 यूनियन की राय एकत्र करना चाहते थे, जिसका उद्योग पर दूरगामी प्रभाव पड़ेगा।
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