देश की खबरें | केदारनाथ से श्रद्धालुओं को ला रहा हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त, सभी सात लोगों की मौत

रुद्रप्रयाग, 15 जून उत्तराखंड में रविवार सुबह केदारनाथ से श्रद्धालुओं को लेकर आ रहे एक निजी कंपनी के हेलीकॉप्टर के गौरीकुंड के जंगलों में कम दृश्यता के कारण दुर्घटनाग्रस्त हो जाने से उसमें सवार पांच श्रद्धालुओं समेत सभी सात लोगों की मौके पर ही मौत हो गयी जिसके बाद चार धामयात्रा मार्ग पर हेली सेवाओं को सोमवार तक के लिए बंद कर दिया गया।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने साइप्रस से उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से फोन पर हेलीकॉप्टर दुर्घटना की जानकारी ली। एक सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार, प्रधानमंत्री ने हादसे में मारे गए लोगों के प्रति गहरी संवेदना और शोक व्यक्त किया। उन्होंने राज्य सरकार को केंद्र की तरफ से हर संभव सहयोग का आवश्वासन दिया।

तीस अप्रैल को तीर्थयात्रा शुरू होने के बाद से चारधाम यात्रा मार्ग पर यह पांचवां हेलीकॉप्टर हादसा है और यह सबसे दुखद हवाई दुर्घटनाओं में से एक अहमदाबाद विमान दुर्घटना के केवल तीन दिन बाद हुआ है। अहमदाबाद से लंदन जाने वाला एअर इंडिया का एक विमान उड़ान भरने के तुरंत बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। उस हादसे में विमान में सवार 241 लोगों के अलावा कई अन्य लोग मारे गए थे।

आर्यन एविएशन लिमिटेड के दुर्घटनाग्रस्त बेल 407 हेलीकॉप्टर में मारे गए सात लोगों में दो वर्षीय बच्ची सहित पांच श्रद्धालु, बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति का एक प्रतिनिधि और एक पायलट शामिल हैं। श्रद्धालु महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश के रहने वाले थे, वहीं पायलट राजस्थान के जयपुर का निवासी था जबकि मंदिर समिति का प्रतिनिधि उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले के उखीमठ के रासी गांव का रहने वाला था।

नागर विमानन मंत्रालय ने कहा कि उसने चारधाम मार्ग पर आर्यन एविएशन का संचालन तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया है और नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) को निर्देश दिया है कि वह केदारनाथ घाटी में सभी हेलीकॉप्टर गतिविधियों की सक्रिय निगरानी करने के लिए उड़ान योग्यता, सुरक्षा और संचालन से संबंधित अधिकारियों की तत्काल तैनाती करे।

एक बयान में मंत्रालय ने कहा कि प्रारंभिक संकेतों से पता चलता है कि दुर्घटना का संभावित कारण नियंत्रित उड़ान-टकराव (सीएफआईटी) यानि पायलट के पूरे नियंत्रण में हेलीकॉप्टर या विमान के अनजाने में भूखंड, पानी या अन्य किसी बाधा से टकरा जाना हो सकता है क्योंकि खराब दृश्यता और बादल छाए होने के बावजूद हेलीकॉप्टर कथित तौर पर हवा में था।

बयान के अनुसार, हादसे की सही वजह का पता विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (एएआईबी) की विस्तृत जांच से ही चलेगा।

रुद्रप्रयाग के जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने ‘पीटीआई-’ को बताया कि संभवत: खराब मौसम के कारण दृश्यता कम होने की वजह से केदारघाटी में गौरीकुंड और त्रिजुगीनारायण के बीच जंगल में यह हादसा हुआ।

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