नयी दिल्ली, 23 अगस्त भारत के चंद्रयान-3 मिशन के बुधवार शाम को चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर उतरने में अब कुछ ही समय बाकी है और इस बीच देश के विभिन्न हिस्सों में काफी उत्साह का माहौल है । विभिन्न राज्यों में लोग मंदिरों, मस्जिदों, गुरूद्वारों एवं अन्य पूजा स्थलों पर हवन आदि के साथ विभिन्न पूजा अनुष्ठानों के जरिए मिशन की सफलता की कामना करने में जुटे हैं ।
चंद्रयान-3 के लैंडर मॉड्यूल के चंद्रमा पर सफलतापूर्वक ‘सॉफ्ट लैंडिंग’ करने को लेकर दिल्ली के कई हिस्सों में मंदिरों, मस्जिदों और गुरुद्वारों में बुधवार को विशेष प्रार्थनाएं की गईं।
केंद्रीय आवास एवं शहरी मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने अभियान की सफलता के लिए बंगला साहिब गुरुद्वारे में अन्य लोगों के साथ विशेष ‘‘अरदास’’ की।
इस बीच, विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने भारत की महत्वाकांक्षी परियोजना की सफलता के लिए प्रार्थना करते हुए संत नगर बुराड़ी में एक ‘‘यज्ञ’’ का आयोजन किया।
आर्य समाज मंदिर के वैदिक आचार्य विमलेश बंसल ने कहा, ‘‘हमें अटूट विश्वास है कि शुद्ध मन और वेदों के विशेष मंत्रों के साथ की गई हमारी सामूहिक प्रार्थना भगवान निश्चित रूप से सुनेंगे।’’
मंडोली में अल जमीयतुल इस्लामिया इस्लाहुल बनत मदरसा की लगभग 150 छात्राएं भी चंद्रयान लैंडर की निर्धारित लैंडिंग से कुछ घंटे पहले आयोजित एक विशेष प्रार्थना का हिस्सा बनीं।
ओडिशा राज्य में उत्सव का माहौल रहा और कई जगहों पर पूजा एवं यज्ञ का आयोजन किया गया। भगवान जगन्नाथ मंदिर में पुजारियों का एक समूह 12वीं सदी के मंदिर के सिंहद्वार के सामने इकट्ठा हुआ और चंद्र मिशन की सफलता के लिए प्रार्थना करते हुए दीप प्रज्ज्वलित किया।
जगन्नाथ संस्कृति के शोधकर्ता भास्कर मिश्रा ने कहा, ‘‘"चूंकि भगवान जगन्नाथ को ब्रह्मांड के स्वामी के रूप में पूजा जाता है, इसलिए उनका आशीर्वाद भारत के चंद्र मिशन के लिए सबसे आवश्यक है। वेदों के अनुसार, सभी ग्रह भगवान जगन्नाथ के निर्देशों के अनुसार सूर्य के चारों ओर घूमते हैं।’’
चंद्रमा पर चंद्रयान-3 लैंडर मॉड्यूल की सफल लैंडिंग के लिए पूरे पश्चिम बंगाल में लोगों ने बुधवार को मंदिरों में विशेष प्रार्थनाएं कीं। हुगली नदी के तट पर भोले बाबा के मंदिर में भाजपा नेताओं ने भक्तों के साथ विक्रम लैंडर की सफल सॉफ्ट लैंडिंग की मनोकामना पूरी होने के लिए यज्ञ किया।
भाजपा के राज्य महासचिव दीपांजन गुजा, हुगली-चिनसुराह जिला भाजपा अध्यक्ष तुषार मजूमदार उन भक्तों में शामिल थे, जिन्होंने सुबह करीब 11 बजे शुरू हुए 'यज्ञ' में भाग लिया।
मजूमदार ने कहा, "विक्रम की सफल सॉफ्ट लैंडिंग के लिए इस देश के सभी लोग प्रार्थना में एकजुट हैं।"
उत्तर दिनाजपुर जिले के रायगंज में जाग्रत काली मां मंदिर में पुजारियों ने विशेष यज्ञ किया।
पुजारी बिस्वजीत लाहिड़ी ने कहा, ''हम चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर रोवर की सफल लैंडिंग के लिए प्रार्थना कर रहे हैं।''
इसी तरह की पूजा उत्तर 24 परगना के बैरकपुर में शिव मंदिर, अगरपारा में मां मनसा मंदिर और कमरहाटी में सिधेश्वरी मंदिर में भी आयोजित की गई।
हरिद्वार में योग गुरु स्वामी रामदेव ने चंद्रयान-3 की सफल लैंडिंग के लिए बुधवार को यहां आचार्यकुलम परिसर में "यज्ञ" किया, जबकि पुजारियों ने गंगा तट पर एक मंदिर में 'हनुमान चालीसा' का पाठ किया।
योगगुरु रामदेव ने आचार्यकुलम के छात्रों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के बीच यज्ञ और हवन किया और मिशन के सफलतापूर्वक संपन्न होने की प्रार्थना की।
पवित्र शहर में पुजारियों के एक समूह ने हनुमान चालीसा का पाठ किया और गंगा नदी के तट पर श्री राम मंदिर में झांझ बजाया।
प्रार्थना में भाग लेने वाले पुजारी उज्ज्वल पंडित ने कहा, "हम चंद्रयान-3 की सफल लैंडिंग के लिए प्रार्थना कर रहे हैं। एक बार जब यह चंद्रमा पर उतरेगा, तो भारत दुनिया के उन अग्रणी देशों के समूह में शामिल हो जाएगा, जिन्होंने अतीत में ऐसा किया है। यह देश की ओर से विश्व गुरू बनने की दिशा में एक और बड़ा कदम होगा।
राजधानी दिल्ली से सटे नोएडा में एमिटी विश्वविद्यालय में अमेरिका की कोलोराडो स्टेट यूनिवर्सिटी का प्रतिनिधिमंडल बुधवार को विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित ‘हवन’ कार्यक्रम में शामिल हुआ और आज होने वाली चंद्रयान-3 की ‘सॉफ्ट लैंडिंग’ की सफलता के लिए प्रार्थना की।
इसरो का महत्वाकांक्षी अभियान 14 जुलाई को शुरू होने के बाद से चंद्रयान-3 चंद्रमा की यात्रा पर है। शाम पौने छह बजे के आसपास चंद्रयान-3 के लैंडर के चंद्रमा की सतह पर उतरने की प्रक्रिया शुरू होने और शाम छह बजकर चार मिनट पर चंद्रमा की सतह पर ‘सॉफ्ट लैंडिंग’ की उम्मीद है।
विश्वविद्यालय ने एक बयान में कहा, ‘‘एमिटी यूनिवर्सिटी, उत्तर प्रदेश के कुलपति बलविंदर शुक्ला, एमिटी यूनिवर्सिटीज के समूह कुलपति गुरिंदर सिंह और हजारों छात्रों ने चंद्रमा पर चंद्रयान-3 की सुचारू एवं सफल सॉफ्ट लैंडिंग के लिए प्रार्थना की और परिसर में किए गए हवन में ‘आहुति’ दी।’’
600 करोड़ रुपये की लागत वाला चंद्रयान-3 अभियान लॉन्च व्हीकल मार्क-3 (एलवीएम-3) रॉकेट के जरिए 14 जुलाई को शुरू हुआ था और आज तक इसने 41 दिन का सफर तय कर लिया है।
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