हमास ने चार बंधकों के शव ताबूतों में इस्राएल को सौंपे
हमास ने चार इस्राएली बंधकों के शव गुरुवार को सौंप दिए हैं.
हमास ने चार इस्राएली बंधकों के शव गुरुवार को सौंप दिए हैं. इनमें बिबास परिवार के शव भी शामिल हैं. 7 अक्टूबर, 2023 के हमले के बाद पहली बार शवों को सौंपा गया है. इससे पहले कई बार बंधकों और कैदियों की रिहाई हो चुकी है.शीरी बिबास, उनके दो बच्चे कफीर और आरियल और एक चौथे बंधक ओडेड लिफशित्ज के शवों को गाजा के दक्षिणी शहर खान यूनिस में एक पुरानी कब्रगाह के पास रेड क्रॉस को सौंपा गया. शवों को सौंपने के पहले हमास ने चार काले ताबूत एक स्टेज पर रख कर दिखाए. हर ताबूत पर मृतक की एक छोटी सी तस्वीर भी लगी थी और उन पर लिखा था, "ये लोग अमेरिकी बमों से मारे गए." लाल सफेद कपड़े से चेहरा ढंके एक चरमपंथी ने स्टेज पर बैठ कर कागजी कार्रवाई पूरी की जिसके बाद ताबूतों को रेड क्रॉस की गाड़ियों में रखा गया.
3 इस्राएली और 369 फलीस्तीनी छठे दौर की अदला बदली में रिहा
इस्राएली सेना ने बाद में कहा कि उसे और आंतरिक सुरक्षा एजेंसी शिन बेट को, "बंधकों के शव सौंप दिए गए हैं." इस दौरान वहां सैकड़ों लोग जमा हुए थे. रेड क्रॉस को सौंपने की कार्रवाई जिस जगह पर हुई, वहां लोगों को थोड़ा दूर रखने के लिए बाड़ भी लगाई गई थी.
बिबास परिवार
बंधकों को अगवा करने का वीडियो फुटेज हमास ने शूट किया था. इसमें मां और उनके बेटे को देखा जा सकता है.उस वक्त कफीर सिर्फ 9 महीने और आरियल चार साल का था. उन्हों गाजा की सीमा पर उनके घरों से अगवा किया गया था. शीरी के पति और उनके बच्चों के पिता यार्देन बिबास को भी अगवा किया गया था. उन्हें 1 फरवरी को हुई बंधकों और कैदियों की अदला बदली के दौरान गाजा पट्टी में रिहा किया गया.
इस्राएली बंधकों और फलीस्तीनी कैदियों की एक और अदला बदली
गुरुवार को इस्राएल के प्रधानमंत्री बेन्यामिन नेतन्याहू ने कहा, "इस्राएल के लिए एक बहुत मुश्किल दिन, दिल टूटने का दिन, शोक का दिन."
बिबास परिवार के सदस्य हमास के हमले और लोगों को अगवा किए जाने के बाद देश भर में फैली निराशा के राष्ट्रीय प्रतीक बन गए. हमास ने जब कहा कि इस्राएल के हवाई हमले में उनकी जान चली गई तो उनकी मौत को मोटे तौर पर सच्चाई के रूप में स्वीकार कर लिया गया. हालांकि इस्राएल ने इस दावे की कभी पुष्टि नहीं की और बिबास परिवार के सदस्यों समेत बहुत से लोगों ने इस बात को नहीं माना. तेल अवीव के नेशनल फोरेंसिक मेडिसिन इंस्टिट्यूट ने 10 डॉक्टरों को इनकी पहचान की प्रक्रिया तेज करने के लिए काम पर लगाया है.
बंधकों और कैदियों की रिहाई
संघर्ष विराम के पहले चरण में शर्तों के मुताबिक अब तक 19 बंधकों को रिहा किया जा चुका है. इनके बदले में इस्राएल ने 1,100 फलीस्तीनी कैदियों को रिहा किया है. पहले चरण में 14 और बंधकों को छोड़ा जाना है. इस्राएल का कहना है कि इनमें से आठ की मृत्यु हो चुकी है.
इस्राएल और हमास ने इस हफ्ते बाकी आठ बंधकों की रिहाई दो बार में करने के लिए समझौता किया है. इसके साथ ही छह जीवित बंधकों को भी शनिवार को रिहा किया जाएगा. होस्टेज फोरम ने इनके नाम एलिया कोहेन, ताल शोहम, ओमर शेम तोव, ओमर वेंकर्ट, हिशाम अल-सायेद और अेरा मेंगिस्तु बताया है.
गाजा में फिलहाल संघर्ष विराम जारी है. हालांकि दोनों पक्ष इसके उल्लंघन का आरोप लगा रहे हैं. डॉनल्ड ट्रंप के गाजा को अमेरिकी नियंत्रण में लेने और 20 लाख से ज्यादा फलीस्तीनी आबादी को कहीं और बसाने की योजना ने भी संघर्ष विराम पर दबाव बनाया है. हालांकि इस योजना की हर तरफ से निंदा हो रही है.
संघर्ष विराम का दूसरा चरण
इस्राएली विदेश मंत्री गिदेओन सार ने मंगलवार को कहा कि "इस हफ्ते" दूसरे चरण के संघर्ष विराम पर बातचीत शुरू होगी. उम्मीद की जा रही है कि इसमें युद्ध को स्थाई रूप से बंद करने की योजना पर काम होगा. हमास के वरिष्ठ अधिकारी ताहेर अल-नूनू ने बुधवार को समाचार एजेंसी एएफपी से कहा कि हमास गाजा में मौजूद बाकी सभी बंधकों को दूसरे चरण में एक बार में ही रिहा करने के लिए तैयार है. अल-नूनू ने यह स्पष्ट नहीं किया कि कितने बंधक हमास या फिर उसके सहयोगी गुटों के पास मौजूद हैं.
हमास और उसके सहयोगी गुटों ने हमले के दौरान 251 लोगों को बंधक बनाया था. गुरुवार को हुई अदला-बदली से पहले गाजा में 70 बंधक थे. इस्राएली सेना का कहना है कि इनमें से 35 की मौत हो चुकी है. इस हमले में 1,211 इस्राएली लोगों की मौत भी हुई थी जिनमें ज्यादातर आम लोग थे. इस्राएल के जवाबी अभियान में गाजा के कम से कम 48,297 लोगों की मौत हुई. इनमें भी ज्यादातर आम लोग थे. ये आंकड़े हमास के स्वास्थ्य विभाग के हैं जिन्हें संयुक्त राष्ट्र भरोसेमंद मानता है.
एनआर/वीके (एएफपी)
(The above story first appeared on LatestLY on Feb 20, 2025 04:40 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

