देश की खबरें | गुरुग्राम-नूंह हिंसा: अधिकारियों ने पलायन के बीच प्रवासी श्रमिकों को सुरक्षा का आश्वासन दिया

गुरुग्राम, पांच अगस्त गुरुग्राम से प्रवासी श्रमिकों के पलायन को रोकने के प्रयास में अधिकारियों ने शनिवार को झुग्गी-झोपड़ियों वाले कुछ इलाकों का दौरा किया और मजदूरों से बिना किसी डर के अपने दैनिक काम पर जाने का आग्रह किया।

सप्ताह की शुरुआत में नूंह और गुरुग्राम में भड़की हिंसा के मद्देनजर बड़ी संख्या में श्रमिकों ने विभिन्न राज्यों में अपने मूल स्थानों की ओर पलायन करना शुरू कर दिया। कानून एवं व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ आम लोगों में सुरक्षा के बारे में विश्वास पैदा करने के लिए जारी कवायद के तहत गुरुग्राम के उपायुक्त निशांत कुमार यादव ने शनिवार को यहां सेक्टर 58 और 70 के पास झुग्गियों का दौरा किया।

यादव ने कहा, ‘‘यहां स्थिति अब शांतिपूर्ण है किसी को डरने की कोई जरूरत नहीं है।’’ उन्होंने झुग्गीवासियों से बिना किसी डर के अपने दैनिक कार्य करने का आग्रह किया और उन्हें उनकी सुरक्षा का आश्वासन दिया।

प्रवासी श्रमिकों के साथ बातचीत में उपायुक्त ने उनसे कहा कि अगर कोई उन्हें जगह छोड़ने की धमकी देता है, तो उन्हें तुरंत जिला प्रशासन और निकटतम थाने को सूचित करना चाहिए ताकि उपद्रवियों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जा सके।

इन श्रमिकों ने कहा कि रैपिड एक्शन फोर्स, पुलिस और जिला प्रशासन के अधिकारियों द्वारा सुरक्षा का आश्वासन दिए जाने पर लोग काम पर लौटने लगे हैं।

सोहना के उपमंडल मजिस्ट्रेट प्रदीप सिंह और बादशाहपुर के उपमंडल मजिस्ट्रेट सतीश यादव के साथ उपायुक्त निशांत यादव ने पुलिस अधिकारियों को झुग्गी-झोपड़ियों वाले इलाकों में गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि जिले में विभिन्न स्थानों पर रैपिड एक्शन फोर्स की टीम तैनात की गई हैं और हरियाणा पुलिस असामाजिक गतिविधियों में शामिल सभी लोगों को गिरफ्तार करने की कोशिश कर रही है।

उपायुक्त ने बताया कि जिले के विभिन्न थानों में दर्ज हिंसा के 28 मामलों में 43 आरोपियों को हिरासत में लिया गया है, जबकि शांति बनाए रखने के लिए 62 लोगों के खिलाफ ऐहतियातन कार्रवाई की गई है।

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