देश की खबरें | गुजरात विद्यापीठ के छात्रों ने प्रार्थना करने से रोके जाने पर विरोध प्रदर्शन किया
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. गुजरात विद्यापीठ के विभिन्न संकायों के 100 से अधिक छात्रों ने प्रार्थना करने से रोकने का आरोप लगाकर सोमवार को परिसर में खुले में बैठकर चरखे पर सूत कातकर अपना विरोध जताया।
अहमदाबाद, सात अगस्त गुजरात विद्यापीठ के विभिन्न संकायों के 100 से अधिक छात्रों ने प्रार्थना करने से रोकने का आरोप लगाकर सोमवार को परिसर में खुले में बैठकर चरखे पर सूत कातकर अपना विरोध जताया।
प्रदर्शन के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने मुद्दे पर एक बयान जारी कर कहा कि अब सुबह की प्रार्थना प्रत्येक संकाय परिसर में होगी, न कि साझा सभागार में।
वर्ष 1920 में महात्मा गांधी द्वारा स्थापित, गुजरात विद्यापीठ 1963 से एक डीम्ड विश्वविद्यालय है और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी)से अनुदान प्राप्त करता है। गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत को हाल ही में इसके कुलाधिपति के रूप में नियुक्त किया गया था।
सोमवार को, विभिन्न संकायों के छात्रों ने अपनी बाहों पर काली पट्टियां बांधकर, सभागार के भीतर सुबह प्रार्थना सत्र का बहिष्कार किया और खुले में चरखा पर सूत कातते हुए प्रार्थना की।
छात्रों का आरोप है कि प्रशासन ने परिसर के उपासना हॉल में हर शुक्रवार को होने वाली सामूहिक ‘सर्व धर्म प्रार्थना’ पर ‘प्रतिबंध’ लगा दिया है।
एक छात्र ने दावा किया, ‘‘शुक्रवार को जब छात्र सर्वधर्म प्रार्थना कर रहे थे, तभी हिंदी विभाग के अध्यक्ष प्रोफेसर राम गोपाल सिंह वहां आये और हमें प्रार्थना करने से रोक दिया। जब अर्थशास्त्र विभाग की प्रोफेसर निमिषाबेन शुक्ला ने इसका विरोध किया तो उन्होंने उनके साथ भी दुर्व्यवहार किया। हालांकि, हमें वह प्रार्थना करने की अनुमति थी, फिर भी हमारा अपमान किया गया।’’
इस बीच, सिंह और शुक्ला के बीच बहस का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है, जिसमें सिंह को हॉल के मंच के पास खड़ी शुक्ला को यह कहते हुए सुना जा सकता है, ‘क्या आप कुलपति हैं?’’
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