अहमदाबाद, नौ जून गुजरात पुलिस ने कनाडाई प्रशासन को उस मामले की जांच से अवगत कराया है जिसमें पिछले साल एजेंट की मदद से कनाडा से अवैध रूप से अमेरिका जाने के दौरान गुजरात के एक परिवार के चार सदस्यों की ठंड की वजह से मौत हो गयी थी। एक अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। गांधीनगर जिले की कालोल तालुका के डिंगुचा गांव के जगदीश पटेल, उनकी पत्नी एवं दो बच्चों की इन दोनों देशों की सीमा पर जनवरी, 2022 में भयंकर ठंड की वजह से मौत हो गयी थी। वे बर्फीले तूफान के बीच कनाडा से अमेरिका की ओर जा रहे थे। गुजरात के तीन एजेंट ने इस परिवार की दुखद यात्रा का प्रबंध किया था, उन तीनों को बाद में गिरफ्तार कर लिया गया।
अहमदाबाद अपराध शाखा के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार कनाडा के एक ‘सुरक्षा जनसंपर्क अधिकारी’ नियमित प्रक्रिया के तहत कुछ दिन पहले उनके कार्यालय आये थे।
अपराध शाखा के पुलिस उपायुक्त चैतन्य मांडलिक ने कहा, ‘‘ कनाडा के सुरक्षा जनसंपर्क अधिकारी साल के दौरान समय-समय पर मेरे कार्यालय आते हैं। यह उनकी नियमित प्रक्रिया है । कुछ दिनों पहले एक ऐसी ही यात्रा के दौरान हमने डिंगुचा मामले और संबंधित जांच पर चर्चा की। हम इस मामले में पहले ही आरोपपत्र दाखिल कर चुके हैं।’’
जनवरी, 2022 में अपराध शाखा ने डिंगुचा मामले में तीन एजेंट-- योगेश पटेल, भावेश पटेल और दशरथ चौधरी को गिरफ्तार किया था। अपराध शाखा स्थानीय एजेंट की संलिप्तता की जांच कर रही है। ऐसा जान पड़ रहा है कि वे व्यापक आव्रजन रैकेट का हिस्सा हैं।
जांच के दौरान पता चला कि डिंगुचा के इस परिवार के अलावा इन एजेंट ने गुजरात से सात अन्य को कनाडा भेजा था जो कनाडा से अवैध रूप से सीमा पार कराकर उन्हें अमेरिका पहुंचाने की उनकी योजना का हिस्सा थे।
उनकी गिरफ्तारी के दौरान अपराध शाखा ने कहा था कि इन एजेंट और उनके साथियों या इन देशों में ‘सीमा पार कराने वाले एजेंट’ ने इन 11 लोगों को अवैध रूप से अमेरिका-कनाडा सीमा को पार करने की कोशिश के तहत बर्फ पर चलने को मजबूर किया था, फलस्वरूप दंपत्ति और उनके दो बच्चों की जान चली गयी थी।
गुजरात के इन 11 लोगों में सात को अमेरिकी अधिकारियों ने पकड़ लिया था जो सीमा के उस पार (कनाडाई क्षेत्र) से इस पार (अमेरिकी सीमा में) पहुंचे थे।
जांच में खुलासा हुआ था कि इन लोगों को कनाडा के टोरंटों ले जाया गया था और वहां से उन्हें वैंक्वूर ले जाया गया। उसके बाद एजेंट ने उन्हें मनिटोबा प्रांत के विन्नपेग में छोड़ दिया और उन्हें अपने दम पर सीमापार कर अमेरिका जाने के लिए बाध्य किया।
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