देश की खबरें | गुजरात उच्च न्यायालय में पूर्व आईपीएस अधिकारी संजीव भट्ट की पत्नी की याचिका खारिज

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अहमदाबाद, 10 फरवरी गुजरात उच्च न्यायालय ने भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के पूर्व अधिकारी संजीव भट्ट की पत्नी श्वेता भट्ट की वह याचिका शुक्रवार को खारिज कर दी जिसमें उन्होंने परिवार को मिली पुलिस सुरक्षा को वापस लेने के कारणों की जानकारी देने का अनुरोध किया था।

न्यायमूर्ति निरजर देसाई ने ‘व्यापक जनहित’ में याचिका को खारिज करते हुए कहा कि अगर सरकार को संबंधित दस्तावेजों को प्रस्तुत करने को कहते हैं तो पुलिस सुरक्षा मुहैया कराने या वापस लिये जाने की प्रक्रिया की गोपनीयता भंग होगी।

अदालत ने कह कि भट्ट और उनके परिवार को सुरक्षा मुहैया कराई गई थी, क्योंकि वह उस मामले में गवाह थे जिसमें तत्कालीन मुख्यमंत्री (नरेंद्र मोदी) संलिप्त थे, लेकिन ‘अब वही स्थिति नहीं है क्योंकि आप (संजीव भट्ट) जेल में हैं।’’

संजीव भट्ट को वर्ष 2015 में सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था और एक आदमी को फंसाने के लिए कथित तौर पर मादक पदार्थ छिपाने के आरोप में गिरफ्तार किए जाने के बाद सितंबर 2018 से ही वह जेल में बंद हैं।

वर्ष 1990 में हिरासत में हुई मौत के मामले में वह उम्रकैद की सजा काट रहे हैं।

भट्ट और उनके परिवार की सुरक्षा जुलाई 2018 में गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव वाली समिति की समीक्षा के बाद वापस ले ली गई थी।

वर्ष 2019 में श्वेता ने सुरक्षा वापस पाने के लिए उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया और उनके वाहन की हुई दुर्घटना सहित कुछ घटनाओं का हवाला दिया।

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