जरुरी जानकारी | जीएसटी पंजीकृत कंपनियों को पता-ठिकाने को ‘जियो-कोड’ करना होगा: जीएसटी नेटवर्क
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. जीएसटी नेटवर्क ने शुक्रवार को कहा कि उसने पंजीकृत कंपनियों के 1.8 करोड़ से अधिक पते-ठिकानों का ‘जियो-कोडिंग’ किया है और यह सुविधा अब सभी राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों के लिये उपलब्ध है।
नयी दिल्ली, नौ जुलाई जीएसटी नेटवर्क ने शुक्रवार को कहा कि उसने पंजीकृत कंपनियों के 1.8 करोड़ से अधिक पते-ठिकानों का ‘जियो-कोडिंग’ किया है और यह सुविधा अब सभी राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों के लिये उपलब्ध है।
जियो-कोडिंग से पंजीकृत इकाइयों के सही ठिकाने का पता लगाने और फर्जी पंजीकरण पर लगाम लगाने में मदद मिलेगी।
केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) पहले ही कुछ राज्यों में जियो-कोडिंग के लिये एक पायलट कार्यक्रम चला चुका है।
जीएसटी नेटवर्क ने कहा कि कंपनियों के मूल ठिकाने के पते को जियो-कोडिंग करने की सुविधा अब सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिये उपलब्ध है।
इस व्यवस्था के तहत किसी स्थान के पते या ठिकाने के विवरण को भौगोलिक स्थिति (आक्षांश और देशांतर) में बदला जा सकता है। इस पहल का मकसद जीएसटी नेटवर्क के रिकॉर्ड में यह सुनिश्चित करना है कि कंपनी का पता-ठिकाना पूरी तरह से सटीक है। साथ ही इसके जरिये पता और सत्यापन प्रक्रिया को दुरूस्त बनाना है।
जीएसटीएन ने कहा, ‘‘कंपनियों के प्रमुख ठिकानों के 1.8 करोड़ से अधिक पतों को सफलतापूर्वक जियो-कोड किया गया है। इसके अलावा, मार्च 2022 के बाद के सभी नये पते पंजीकरण के समय ही जियो-कोड किये गये हैं, ताकि पते के विवरण की सटीकता और मानकीकरण सुनिश्चित हो सके।’’
रमण वैभव
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)