जरुरी जानकारी | जीएसटी नेटवर्क की बिक्री रिटर्न की देनदारियों का ब्यौरा ईमेल से भेजने की योजना
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. माल एवं सेवा कर (जीएसटी) नेटवर्क एक ऐसी प्रणाली पर काम कर रहा है, जिसके माध्यम से करदाताओं को बिक्री रिटर्न जीएसटीआर-1 में दिख रही देनदारियों का ब्यौरा ईमेल के जरिये भेजा जा सके। जीएसटी नेटवर्क के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) प्रकाश कुमार ने बृहस्पतिवार को इसकी जानकारी दी।
नयी दिल्ली, 23 जुलाई माल एवं सेवा कर (जीएसटी) नेटवर्क एक ऐसी प्रणाली पर काम कर रहा है, जिसके माध्यम से करदाताओं को बिक्री रिटर्न जीएसटीआर-1 में दिख रही देनदारियों का ब्यौरा ईमेल के जरिये भेजा जा सके। जीएसटी नेटवर्क के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) प्रकाश कुमार ने बृहस्पतिवार को इसकी जानकारी दी।
जीएसटीआर-1 विक्रेताओं के द्वारा दायर किया जाता है और इसमें सभी आपूर्ति (बिक्री) का रसीद व श्रेणी के आधार पर जिक्र होता है। इसे हर महीने की 11वीं तारीख तक दायर करना होता है।
जीएसटीआर-3बी सारांश रिटर्न होता है, जिसके आधार पर विक्रेता कर भरते हैं। इसमें खरीद व बिक्री दोनों की तथा कर भुगतान की श्रेणी के आधार पर जानकारियां होती हैं। इसे करदाता के प्रकार के आधार पर महीने की 20वीं से 24वीं तारीख के दरम्यान दायर करना होता है।
जीएसटीआर-1 की देनदारियां जीएसटीआर-3बी से मिलनी चाहिये होती है, ताकि करों के किसी भी बेमेल और गलत भुगतान से बचा जा सके।
कुमार ने उद्योग संगठन एसोचैम के एक कार्यक्रम में कहा, ‘‘बहुत जल्द हम एक पीडीएफ देने जा रहे हैं, जिसमें जीएसटीआर -1 के आधार पर जीएसटीआर -3 बी की देनदारियां होंगी और इन्हें करदाताओं को ईमेल के माध्यम से भेजा जायेगा। इसके पीछे का विचार यह है कि आपने जीएसटीआर -1 में जो भी दायर किया है, यह जीएसटीआर-3बी से अलग कैसे हो जाता है। यह पूरी पारदर्शिता सुनिश्चित करेगा।’’
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