देश की खबरें | जीएसआई भूस्खलन पूर्वानुमान मॉडल विकसित करने के लिए एआई का उपयोग करने की बना रहा है योजना : महानिदेशक
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (जीएसआई) कृत्रिम मेधा (एआई) का उपयोग करते हुए अधिक मजबूत भूस्खलन पूर्वानुमान मॉडल और विशेषज्ञ प्रणाली विकसित करने के लिए एक शोध कार्यक्रम का आयोजन कर रहा है। यहां एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।
कोलकाता, 20 जुलाई भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (जीएसआई) कृत्रिम मेधा (एआई) का उपयोग करते हुए अधिक मजबूत भूस्खलन पूर्वानुमान मॉडल और विशेषज्ञ प्रणाली विकसित करने के लिए एक शोध कार्यक्रम का आयोजन कर रहा है। यहां एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।
जीएसआई के महानिदेशक असित साहा ने शुक्रवार को राष्ट्रीय भूस्खलन पूर्वानुमान केंद्र (एनएलएफसी) की पहली वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित एक कार्यशाला में यह जानकारी दी।
साहा ने कहा, ‘‘एआई का उपयोग करते हुए भूस्खलन पूर्वानुमान मॉडल और विशेषज्ञ प्रणाली विकसित करने के लिए अनुसंधान जारी है।’’
उन्होंने राष्ट्रव्यापी क्षेत्रीय भूस्खलन पूर्व चेतावनी प्रणाली (एलईडब्ल्यूएस) को 2030 तक क्रियान्वित करने के संस्थान के दीर्घकालिक दृष्टिकोण को भी दोहराया।
महानिदेशक ने यह भी कहा कि जीएसआई जल्द ही उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले के लिए भूस्खलन की पूर्व चेतावनी बुलेटिन जारी करना शुरू कर देगा।
साहा ने एनएलएफसी टीम की भूस्खलन पूर्व चेतावनी क्षेत्र का विस्तार करने के लिए सराहना की। शुरुआत में यह छह राज्यों के 16 जिलों में सीमित था और 2025 तक इसका आठ राज्यों के 21 जिलों तक विस्तार हो गया है।
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