देश की खबरें | जीसैट-6 का काफी हद तक उपयोग नहीं किया जा सका क्योंकि जरूरी जमीनी हिस्सा तैयार नहीं था:कैग

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. भारत के जीसैट-6 उपग्रह का काफी हद तक उपयोग नहीं किया जा सका क्योंकि इसके डेटा संबंधी प्रक्रिया के लिये जरूरी जमीनी हिस्सा तैयार नहीं था। नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की रिपोर्ट में यह कहा गया है।

नयी दिल्ली,20 दिसंबर भारत के जीसैट-6 उपग्रह का काफी हद तक उपयोग नहीं किया जा सका क्योंकि इसके डेटा संबंधी प्रक्रिया के लिये जरूरी जमीनी हिस्सा तैयार नहीं था। नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की रिपोर्ट में यह कहा गया है।

कैग की विभिन्न मंत्रालयों/विभागों की वैज्ञानिक और पर्यावरणीय अनुपालन लेखा रिपोर्ट के अनुसार, अंतरिक्ष विभाग ने जीसैट-6 उपग्रह को अगस्त 2015 में प्रक्षेपित किया था, जिस पर 508 करोड़ रूपये की लागत आई थी। लेकिन इसके जमीनी हिस्सा तैयार नहीं होने के कारण उपग्रह का उपयोग नहीं किया जा सका।

संसद में मंगलवार को पेश की गई कैग की रिपोर्ट में कहा गया है,‘‘इस कारण उपग्रह के सेवा काल के करीब आधे हिस्से तक उसका उपयोग नहीं किया जा सका।’’

जीसैट-6 उपग्रह का लक्ष्य उपग्रह डिजिटल मल्टीमीडिया प्रसारण (एस-डीएमबी) सेवाओं के मोबाइल संचार एप्लीकेशन प्रदान करना है, जिसकी योजना मूल रूप से देवास मल्टीमीडिया प्राइवेट लिमिटेड के साथ समझौते के तहत तैयार की गई थी।

हालांकि, देवास के साथ समझौता समाप्त होने के बाद उपग्रह के परिचालन की योजना रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) के साथ बनाई गई, जिसे जमीनी हिस्सा तैयार करना था।

रिपोर्ट के अनुसार, अंतरिक्ष विभाग ने जमीनी खंड तैयार करने के बारे में डीआरडीओ के साथ किसी समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर नहीं किया था। साथ ही, वह लक्ष्य आधारित कार्य योजना तैयार करने में भी विफल रहा।

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