देश की खबरें | आईटी नियमों के तहत शिकायत निवारण तंत्र किसी की स्वतंत्रता का अतिक्रमण नहीं करता : केंद्र
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. केंद्र सरकार ने बुधवार को उच्चतम न्यायालय से कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यस्थ दिशानिर्देश और डिजिटल मीडिया आचार संहिता) नियमावली, 2021 के तहत शिकायत निवारण तंत्र 'सब कुछ संतुलित' करता है और किसी भी स्वतंत्रता का अतिक्रमण नहीं करता है।
नयी दिल्ली, 20 जुलाई केंद्र सरकार ने बुधवार को उच्चतम न्यायालय से कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यस्थ दिशानिर्देश और डिजिटल मीडिया आचार संहिता) नियमावली, 2021 के तहत शिकायत निवारण तंत्र 'सब कुछ संतुलित' करता है और किसी भी स्वतंत्रता का अतिक्रमण नहीं करता है।
केंद्र की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने न्यायमूर्ति ए. एम. खानविलकर, न्यायमूर्ति ए. एस. ओका और न्यायमूर्ति जे. पी. पारदीवाला की पीठ को बताया कि 2021 की नियमावली का नियम नौ संविधान के अनुच्छेद 19(1)(ए) के तहत स्वतंत्रता को कायम रखते हुए स्वाभाविक न्याय को संतुलित करता है, और उपयोगकर्ताओं को भी संरक्षण दिया जाता है।
मेहता ने पीठ को बताया कि बम्बई उच्च न्यायालय ने पिछले साल संबंधित नियमावली के नियम संख्या नौ के अमल पर रोक लगा दी थी।
पीठ ने मामले की सुनवाई के लिए 27 जुलाई की तारीख मुकर्रर की और कहा कि उच्च न्यायालय के आदेश के खिलाफ केंद्र द्वारा दायर याचिका पर दो चीजें की जा सकती हैं।
पीठ ने कहा, ‘‘या तो हम उनसे सहमत हैं और आक्षेपित आदेश पर रोक लगाते हैं या फिर दूसरी बात कि रिट याचिका को यहां स्थानांतरित किया जाए।’’
शीर्ष अदालत ने सुनवाई के दौरान कुछ याचिकाओं का भी निपटारा किया, जिनमें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को विनियमित करने के लिए एक अलग कानून बनाने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश देने की मांग भी शामिल है।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)