विदेश की खबरें | ग्रेटा थनबर्ग, अन्य कार्यकर्ताओं को गाजा ले जा रही नौका को रोकेंगे : इजराइल
श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

रक्षा मंत्री इजराइल कैट्ज ने रविवार को कहा कि इजराइल किसी को भी फलस्तीनी क्षेत्र पर अपनी नौसैनिक नाकेबंदी तोड़ने की अनुमति नहीं देगा, जिसका उद्देश्य हमास को हथियार आयात करने से रोकना है।

ग्रेटा थनबर्ग और 12 अन्य कार्यकर्ता मैडलीन नामक नौका पर सवार हैं। इस नौका का संचालन संचालन फ्रीडम फ्लोटिला गठबंधन द्वारा किया जाता है।

यह नौका पिछले रविवार को सिसिली से गाजा की समुद्री नाकेबंदी तोड़ने और मानवीय सहायता पहुंचाने के मिशन के साथ रवाना हुई थी। इसका मकसद फलस्तीनी क्षेत्र में बढ़ते मानवीय संकट के बारे में दुनिया को जागरूक करना भी है।

कार्यकर्ताओं ने कहा था कि उनकी योजना रविवार को ही गाजा के जलक्षेत्र में पहुंचने की है।

जहाज पर मौजूद अन्य लोगों में यूरोपीय संसद की फ्रांसीसी सदस्य एवं फलस्तीनी मूल की रीमा हसन भी शामिल हैं। फलस्तीनियों के प्रति इजराइल की नीतियों का विरोध करने के कारण उन्हें इजराइल में प्रवेश करने से रोक दिया गया है।

हमास पर दबाव बनाने के उद्देश्य से तीन महीने की पूर्ण नाकेबंदी के बाद, इजराइल ने पिछले महीने गाजा में कुछ बुनियादी मदद पहुंचाना शुरू किया, लेकिन मानवीय सहायता में लगे कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि नाकेबंदी और युद्ध समाप्त नहीं हुआ, तो गाजा में भुखमरी की स्थिति पैदा हो सकती है।

पिछले महीने भी फ्रीडम फ्लोटिला की नौका ने समुद्र के रास्ते गाजा पहुंचने की असफल कोशिश की थी, हालांकि, माल्टा के अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में पर पहुंचने पर समूह की एक अन्य नौका पर दो ड्रोन की मदद से हमला किया गया, जिससे यह कोशिश नाकाम हो गई।

समूह ने इस हमले के लिए इजराइल को दोषी ठहराया। इस हमले में नौका का अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया।

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