देश की खबरें | सरकार दिल्ली की ‘प्रदूषण महामारी’ के समाधान के लिए प्रतिबद्ध नहीं : आरडब्ल्यूए के छत्र निकाय ने कहा
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. दिल्ली सरकार शहर के "प्रदूषण महामारी" को हल करने के लिए प्रतिबद्ध नहीं है और निवासियों को एयर प्यूरीफायर और मास्क जैसे अस्थायी समाधानों के साथ खुद को बचाने के लिए छोड़ दिया है। रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए) के एक छत्र निकाय ने शनिवार को यह आरोप लगाया।
नयी दिल्ली, 13 नवंबर दिल्ली सरकार शहर के "प्रदूषण महामारी" को हल करने के लिए प्रतिबद्ध नहीं है और निवासियों को एयर प्यूरीफायर और मास्क जैसे अस्थायी समाधानों के साथ खुद को बचाने के लिए छोड़ दिया है। रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए) के एक छत्र निकाय ने शनिवार को यह आरोप लगाया।
दिल्ली में वायु गुणवत्ता शनिवार सुबह ‘गंभीर’ श्रेणी में बनी हुई थी जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 473 दर्ज किया गया।
दिल्ली की वायु गुणवत्ता पर चिंता व्यक्त करते हुए, यूनाइटेड रेजिडेंट्स ज्वाइंट एक्शन (उर्जा) ने कहा कि प्रदूषण से निपटना एक मुश्किल चुनौती है और सरकार की घोषणाएं "इसे ज्यादा ही सरल कर देखती हैं जिससे इस मुद्दे की गंभीरता और प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई की तत्कालता कम हो जाती है।”
ऊर्जा के अध्यक्ष अतुल गोयल ने एक बयान में कहा, “2020 के चुनावों में प्रदूषण को दो-तिहाई तक कम कर देने की मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की निजी गारंटी के बावजूद कोई प्रभावी प्रगति हकीकत में नहीं दिखती है।”
उन्होंने कहा, “ दिल्ली सरकार के अलग-अलग दृष्टिकोण शहर की वायु गुणवत्ता सूचकांक में किसी भी टिकाऊ सुधार को लाने के लिए आत्मविश्वास को प्रेरित नहीं करते हैं। मुख्यमंत्री द्वारा दी गई गारंटी को प्राप्त करने के लिए एक खाका तैयार करने की तत्काल आवश्यकता है।”
ऊर्जा में करीब 3,000 निवासी कल्याण संगठन (आरडब्ल्यूए) सदस्य के तौर पर जुड़े हुए हैं।
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