जरुरी जानकारी | प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने वाली हैं सरकार की नीतियां: सीईए

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. मुख्य आर्थिक सलाहकार के वी सुब्रमण्यन ने कहा कि पिछले सात वर्षों में सरकार की नीतियों का जोर अर्थव्यवस्था में प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने पर रहा है।

नयी दिल्ली, सात अक्टूबर मुख्य आर्थिक सलाहकार के वी सुब्रमण्यन ने कहा कि पिछले सात वर्षों में सरकार की नीतियों का जोर अर्थव्यवस्था में प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने पर रहा है।

उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार द्वारा किए गए आपूर्ति और मांग पक्ष के उपायों से चालू वित्त वर्ष में देश दहाई अंक में वृद्धि हासिल करेगा।

मुख्य आर्थिक सलाहकार ने इंडियन प्राइवेट इक्विटी एंड वेंचर कैपिटल एसोसिएशन (आईवीसीए) के वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए आयोजित कार्यक्रम में कहा, ‘‘इन सभी सुधारों के साथ भारत खासतौर से संगठित क्षेत्र में रोजगार सृजन के जरिए उच्च वृद्धि और समावेश विकास के लिए तैयार है। हमारा अनुमान है कि चालू वर्ष में इस बात की काफी संभावना है कि हम दो अंकों की वृद्धि हासिल कर सकते हैं। अगले वर्ष के लिए हमारा अनुमान 6.5-7 प्रतिशत के बीच है।’’

उन्होंने कहा कि सुधारों का प्रभाव दिखने को साथ ही संभावित वृद्धि सात प्रतिशत से अधिक भी हो सकती है।

सुब्रमण्यन ने कहा, ‘‘हमने जो बीज बोए हैं, उन्हें इस दशक में फल देना चाहिए। भारत के लिए यह समावेशी वृद्धि का दशक होना चाहिए।’’

उन्होंने आगे कहा कि श्रम बाजार सुधार, कृषि क्षेत्र में सुधार, निजी क्षेत्र पर ध्यान और परिसंपत्ति मौद्रीकरण नीति, जैसे सभी नीतिगत उपायों के पीछे मुख्य विचार प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देना है।

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