लखनऊ, छह जून उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ नीत भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने राज्य के जीर्ण-शीर्ण माध्यमिक विद्यालयों का कायाकल्प करने का फैसला किया है। इस योजना के तहत विद्यालयों के कायाकल्प में 75 प्रतिशत राशि सरकार की ओर से दी जाएगी, जबकि 25 प्रतिशत राशि स्कूल प्रबंधन को जुटानी होगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गयी। यहां जारी एक सरकारी बयान में कहा गया है कि सरकार की इस योजना का लाभ निजी विद्यालयों को भी मिलेगा।
लोक भवन में वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने पत्रकारों को बताया कि पिछले साल भी सरकार यह योजना लेकर आई थी, जिसमे सरकार की ओर से 50 प्रतिशत अनुदान देने की बात कही गयी थी जबकि बाकी राशि की व्यवस्था स्कूल प्रबंधन को करनी थी।
खन्ना ने कहा कि इस योजना के प्रति उदासीनता को देखते हुए अब सरकार ने इसमें संशोधन किया है और खर्च का अनुपात 75:25 (सरकार और स्कूल प्रबंधन) कर दिया है। नये प्रस्ताव के अनुसार, स्कूल प्रबंधन 25 प्रतिशत राशि अपने सीएसआर फंड, विधायक या सांसद निधि से भी जुटा सकेंगे।
उन्होंने बताया कि इस योजना के अन्तर्गत सरकार सबसे पहले 50 साल से ज्यादा पुराने विद्यालयों का कायाकल्प करेगी। इसके बाद 40 साल, फिर 30 साल पुराने विद्यालयों पर ध्यान दिया जाएगा। योजना के तहत विद्यालयों की फर्श, छत, लड़कियों के लिए पृथक शौचालय समेत अन्य निर्माण कार्यों पर खास ध्यान रहेगा।
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