जरुरी जानकारी | सरकार ने भारतीय गोल्डन फाइबर को बढ़ावा देने के लिए जूट मार्क लोगो का अनावरण किया
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कोलकाता, नौ जुलाई सरकार ने शनिवार को जूट उत्पादों के लिए प्रमाणीकरण की शुरुआत की, जिसके तहत केंद्रीय कपड़ा सचिव यू पी सिंह ने ‘जूट मार्क इंडिया’ के ‘लोगो’ का अनावरण किया।
सिंह ने कहा कि यह भारतीय जूट उत्पादों को बढ़ावा देने और उनकी पहचान की रक्षा करने की एक पहल है।
राष्ट्रीय जूट बोर्ड ने एक बयान में कहा, ‘‘जूट मार्क इंडिया (जेएमआई) योजना पारंपरिक जूट और जूट उत्पादों के लिए उत्पत्ति स्थल और गुणवत्ता के बारे में सामूहिक पहचान और आश्वासन प्रदान करेगी। इसलिए जेएमआई शक्तिशाली रचनात्मक कार्य की पहचान होगी, जो जूट उत्पाद को गुणवत्ता को परिभाषित करेगी। इसे प्रतिस्पर्धा में अलग पहचान देगी और इसे ग्राहकों के साथ जोड़ेगी।’’
प्रमाणन से घरेलू बाजार और भारत से जूट उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
प्रत्येक जूट मार्क लेबल में एक अद्वितीय ‘क्यूआर कोड’ होगा और इसे स्कैन करके, ग्राहक निर्माता के बारे में जान सकते हैं।
राष्ट्रीय जूट बोर्ड केंद्रीय कपड़ा मंत्रालय की नोडल एजेंसी है, जो भारत और विदेशों में जूट और जूट उत्पादों के प्रचार के लिए जिम्मेदार है।
केंद्र द्वारा 485.58 करोड़ रुपये के कुल वित्तीय परिव्यय के साथ वित्त वर्ष 2022 और वित्तवर्ष 2026 के बीच जूट क्षेत्र के विकास और प्रचार के लिए एक छत्र योजना के तहत जेएमआई को लागू किया गया था।
वर्ष 2020-21 के दौरान भारत से जूट के सामानों का निर्यात 2,740 करोड़ रुपये का था।
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