जरुरी जानकारी | ब्रिटेन से भारतीय शराब के लेकर गैर-व्यापारिक प्रतिबंध हटाने के लिये कहे सरकार: सीआईएबीसी

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नयी दिल्ली, 16 मार्च भारतीय शराब विनिर्माता कंपनियों के मंच सीआईएबीसी ने मंगलवार को सरकार से ब्रिटेन में भारत में बनी शराब के प्रवेश में गैर-प्रशुल्कीय बाधाएं हटवाने का आग्रह किया।

कान्फेडरेशन ऑफ इंडियन अल्कोहलिक बेवरेज कंपनीज (सीआईबीसी) ने एक बयान में कहा कि ब्रिटेन में भेजी जाने वाली व्हिस्की और रम की खेप के कम से कम तीन साल पुराना होने की शर्त को भी हटाए जाने की मांग की है।

संगठन ने कहा कि भारत को ब्रिटेन सरकार से गैर-शुल्क बाधाओं को समाप्त करने के लिये कहना चाहिए ताकि वहां भारत में बने शराब का सुगमता से निर्यात हो सके।

सीआईएबीसी ने सुझाव दिया है कि भारत में बनी हर तरह की व्हिस्की को ब्रिटेन में बिक्री की छूट होनी चाहिए, चाहे वह माल्ट से बनी हो या अनाज अथवा शीरे से तैयार की गयी हों।

सीआईएबीसी के महानिदेशक विनोद गिरी ने कहा, ‘‘ब्रिटेन को भारत में जिस विधि से शराब बनती है, उसे स्वीकार करना चाहिए क्योंकि भारत में भी ब्रिटेन की विधि से बनी व्हिस्की को स्वीकार किया जाता है।’’

उन्होंने कहा कि भारत केवल 5 करोड़ रुपये मूल्य के शराब का सालाना निर्यात करता है जबकि हमारा आयात 1,300 करोड़ रुपये का है।

गिरी ने कहा कि यूरोपीय देशों की प्रतिबंधात्मक व्यापार नीतियों से यूरोपीय संघ और ब्रिटेन में भारत में बनी शराब के निर्यात की संभावनाएं बाधित हैं।

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