जरुरी जानकारी | सरकार पूंजीगत व्यय, रोजगार सृजन, उत्पादकता बढ़ाने के लिए प्रयासरतः पी के मिश्रा

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. प्रधानमंत्री के प्रमुख सचिव पी के मिश्रा ने मंगलवार को कहा कि सरकार ने पूंजीगत व्यय, रोजगार सृजन और उत्पादकता पर एक साथ ध्यान केंद्रित करने के लिए निरंतर प्रयास करने के साथ समावेशी विकास और लाभ के प्रभावी वितरण के लिए भी कदम उठाए हैं।

नयी दिल्ली, दो मई प्रधानमंत्री के प्रमुख सचिव पी के मिश्रा ने मंगलवार को कहा कि सरकार ने पूंजीगत व्यय, रोजगार सृजन और उत्पादकता पर एक साथ ध्यान केंद्रित करने के लिए निरंतर प्रयास करने के साथ समावेशी विकास और लाभ के प्रभावी वितरण के लिए भी कदम उठाए हैं।

‘दिल्ली स्कूल ऑफ इकनॉमिक्स’ (डीएसई) के हीरक जयंती समारोह के उद्घाटन कार्यक्रम में वरिष्ठ नौकरशाह मिश्रा ने कहा कि इसी के साथ सरकार ने व्यापक आर्थिक स्थिरता के लिए सजग प्रयास किए हैं जिनपर मध्यावधि वृद्धि निर्भर करती है।

उन्होंने कहा कि आज मुद्रास्फीति नियंत्रण में है, सार्वजनिक ऋण अनुपात स्थिर हो गया है और विदेशी मुद्रा भंडार कोविड-19 महामारी से पहले की तुलना में अधिक है।

उन्होंने कहा कि 1950-1980 की अवधि में 3.5 प्रतिशत की वृद्धि दर ‘हिंदू वृद्धि दर’ जैसी शब्दावली की वजह बनी जबकि 1970-1980 के दशक में भयंकर सूखे, भोजन की कमी और तेल की कीमत में वृद्धि जैसी घटनाओं से संकट की स्थिति बनी।

डीएसई के पूर्व छात्र मिश्रा ने कहा, ‘‘आज हम एक और मोड़ पर खड़े हैं। कोविड के बाद की दुनिया उससे पहले की दुनिया से बिल्कुल अलग होने वाली है। अर्थव्यवस्था और समाज के लिए जटिल मुद्दे उभर रहे हैं। गतिरोध की एक मजबूत लहर है और बदलाव पूरी दुनिया में हो रहा है। प्रौद्योगिकी सब कुछ बदल रही है और इस बदलाव की रफ्तार पहले कभी नहीं देखी गई है।’’

उन्होंने कहा कि परिवर्तन की गति और पैमाने को राजमार्गों, ग्रामीण सड़कों, नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं, ब्रॉडबैंड कनेक्शनों की संख्या आदि से संबंधित डेटा से देखा जा सकता है।

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