जरुरी जानकारी | बैंकों को चुनौतियों से निपटने में समक्ष बनाने को स्पष्ट नीतिगत रूपरेखा तैयार करे सरकार: संसदीय समिति
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. संसद की एक समिति ने मंगलवार को सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में लंबे समय से चले आ रहे फंसे कर्ज की समस्या के समाधान में देरी को लेकर चिंता जतायी।
नयी दिल्ली, तीन अगस्त संसद की एक समिति ने मंगलवार को सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में लंबे समय से चले आ रहे फंसे कर्ज की समस्या के समाधान में देरी को लेकर चिंता जतायी।
समिति ने वित्त मंत्रालय से बैंकों की इस चुनौतियों से पार पाने के लिये स्पष्ट नीति तैयार करने को कहा। उसने कहा कि यह बैंकों को खासकर कोविड-19 संकट से उत्पन्न चुनौतियों से पार पाने के लिये सशक्त बनाएगा।
भारतीय जनता पार्टी के सांसद जयंत सिन्हा की अध्यक्षता वाली वित्त पर संसद की स्थायी समिति ने केंद्र की कार्रवाई रिपोर्ट पर अपनी रपट में यह माना कि सरकार ने ऋण पर नजर रखने, जोखिम प्रबंधन, गैर-निष्पादित परिसंपत्तियों (एनपीए) यानी फंसे कर्ज के समाधान और वसूली, संचालन व्यवस्था में सुधार, विपणन रणनीति और पहुंच के मामलों में बैंक व्यवस्था में सुधार के लिए कदम उठाए हैं।
हालांकि रिपोर्ट में आगाह करते हुए कहा गया है कि पहले से चले आ रहे बड़ी राशि के फंसे कर्ज से जुड़े मामलों का अबतक निपटान नहीं हुआ है। इसे अनदेखा नहीं किया जा सकता है।
समिति ने यह बात दोहरायी कि बड़ी राशि पुराने कर्ज या एनपीए को समाधान के लिए अलग किया जा सकता है। इससे बैंक पुराने मुद्दों में फंसे बिना अपने नियमित कारोबार के साथ आगे बढ़ सकेंगे।
रिपोर्ट में कहा गया है, ‘‘समिति चाहती है कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के नियामक के रूप में भारतीय रिजर्व बैंक और मुख्य हिस्सेदार के रूप में केंद्र सरकार एक स्पष्ट नीतिगत रूपरेखा तैयार करे जिससे बैंक खासकर कोविड-19 संकट से उत्पन्न चुनौतियों से पार पा सके और भविष्य की वृद्धि के लिये भरोसे के साथ योजना बना सके।’’
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