देश की खबरें | सरकार लोगों के बीच ‘वन-स्टॉप सेंटरों’ के बारे में जागरूकता पैदा करे : अदालत
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. दिल्ली उच्च न्यायालय ने बुधवार को सरकार को शहर में हिंसा से प्रभावित महिलाओं की सहायता के लिए बनाए गए ‘वन-स्टॉप सेंटरों’ के बारे में जागरूकता पैदा करने का निर्देश दिया।
नयी दिल्ली, 23 जुलाई दिल्ली उच्च न्यायालय ने बुधवार को सरकार को शहर में हिंसा से प्रभावित महिलाओं की सहायता के लिए बनाए गए ‘वन-स्टॉप सेंटरों’ के बारे में जागरूकता पैदा करने का निर्देश दिया।
मुख्य न्यायाधीश डी.के. उपाध्याय और न्यायमूर्ति तुषार राव गेडेला की पीठ ने यह निर्देश पारित करते हुए कहा कि सरकार और पुलिस ने वन-स्टॉप सेंटर (ओएससी) के उद्देश्य को प्राप्त करने के लिए आवश्यक कदम और कार्रवाई नहीं की।
इसने ऐसे केन्द्रों पर तैनात पुलिसकर्मियों के बीच बाल गर्भावस्था और विवाह से निपटने के लिए विकसित मानक संचालन प्रक्रिया को प्रसारित करने का भी निर्देश दिया।
अदालत ने कहा, “ओएससी के प्रति जागरूकता पैदा करने के लिए स्कूलों, अस्पतालों, रेलवे स्टेशनों, बस स्टेशनों, बाजारों, पुलिस स्टेशनों और अन्य प्रमुख स्थानों पर साइन बोर्ड भी प्रदर्शित किए जाएंगे।”
न्यायालय ने दिल्ली सरकार को ओएससी में परामर्शदाताओं सहित सभी रिक्तियों को भरने का निर्देश दिया। न्यायालय ने कहा कि यदि नियमित नियुक्ति में समय लगता है तो वह संविदा कर्मचारियों को नियुक्त कर सकता है। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि उन्हें नियमितीकरण की मांग करने का कोई अधिकार नहीं होगा।
पीठ ने अन्य कमियों को दूर करने के अलावा ऐसे केंद्रों में कार्यरत कार्मिकों को पर्याप्त प्रशिक्षण देने का निर्देश दिया।
अदालत ने दिल्ली सरकार को निर्देश दिया कि वह हितधारकों के बीच समन्वय स्थापित करने के लिए एक नोडल अधिकारी नियुक्त करे, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि ओएससी ठीक से काम करें।
इसने यह टिप्पणी एक समाचारपत्र में प्रकाशित रिपोर्ट का अवलोकन करते हुए की, जिसमें ओएससी में व्याप्त दयनीय स्थिति की कहानी और पीड़ितों की देखभाल के लिए कर्मचारियों की कमी के बारे में बताया गया था।
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