गोरखपुर/लखनऊ, पांच सितंबर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को अपने गृह जिले गोरखपुर में बाढ़ पीड़ितों से मुलाकात की और उनको राहत सामग्री वितरित करने के साथ ही यह भरोसा दिया कि सरकार बाढ़ के स्थायी समाधान की ओर बढ़ रही है।
आदित्यनाथ ने कहा “ बाढ़ की इस त्रासदी में सभी बाढ़ पीड़ितों के प्रति सरकार की पूरी सहानुभूति एवं संवेदना है।” पिछले 15 दिनों से पूर्वी उत्तर प्रदेश में भारी बारिश के कारण लगभग 15 जिले बाढ़ की चपेट में हैं।
उन्होंने बताया कि गोरखपुर जिले के 304 गांव की लगभग सवा दो लाख आबादी बाढ़ की चपेट में है। उन्होंने कहा कि राप्ती नदी खतरे के निशान से लगभग ढाई मीटर ऊपर बह रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा “वर्तमान में एक बड़ी आबादी बाढ़ की चपेट में आयी है। आपदा के समय केन्द्र एवं प्रदेश सरकार आप लोगों के साथ खड़ी हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा “ गोरखपुर के नगरीय तथा ग्रामीण क्षेत्र में बाढ़ बचाव के लिये पुख्ता व्यवस्था की जा रही है। महानगर में अलग-अलग पम्पिंग सेट स्थापित किये गये हैं, सफाई और स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने की कार्यवाही की जा रही है।”
उन्होंने कहा “ समय से किये गये उपायों के कारण जनधन की हानि को रोका जा सका है। जिन किसानों की फसल बाढ़ के कारण नष्ट हुई है, उनका सर्वेक्षण कर उन्हें मुआवजा देने के लिये प्रशासन को निर्देशित किया गया है।”
मुख्यमंत्री बाढ़ प्रभावित जिलों के दौरे पर हैं जिसके तीसरे दिन उन्होंने गोरखपुर के मोहरीपुर के पश्चिम संझाई रामपुर चक, नूरुद्दीन चक तथा खोराबार ब्लॉक में बेलवार गांव तथा गोला तहसील के वीएसएवी इण्टर कॉलेज समेत अन्य स्थानों पर बाढ़ प्रभावित लोगों को राहत सामग्री का वितरण किया, जिसमें 10 किलोग्राम चावल, 10 किलोग्राम आटा, 10 किलोग्राम आलू, दो किलोग्राम दाल, एक लीटर रिफाइण्ड, 500 ग्राम नमक, मसाले, दिया-सलाई, बरसाती, लाई-भूजा इत्यादि शामिल हैं।
इस बीच लखनऊ में जारी एक सरकारी बयान में उत्तर प्रदेश के राहत आयुक्त रणवीर प्रसाद ने वर्षा की स्थिति से अवगत कराते हुए कहा कि प्रदेश में एक जून, 2021 से अब तक 601.7 मिमी औसत वर्षा हुई है जो सामान्य बरसात 658.3 मिमी के सापेक्ष 91 प्रतिशत है।
उन्होंने नदियों के जल स्तर के बारे में बताया कि शारदा-खीरी, घाघरा-अयोध्या, बलिया, राप्ती-सिद्धार्थनगर, गोरखपुर, बूढ़ी राप्ती-सिद्धार्थनगर, कुनहरा-सिद्धार्थनगर, रोहिन- महाराजगंज तथा कुआनो नदी गोण्डा और बस्ती में खतरे के जलस्तर से ऊपर बह रही है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में वर्षा से प्रभावित जिलों में राहत और बचाव के लिए एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और पीएसी की कुल 66 टीमें तैनात की गयी है। प्रसाद ने बताया कि 6,425 नावें बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लगायी गयी हैं तथा 1,027 मेडिकल टीमें लगायी गयी हैं।
उन्होंने दावा किया कि एनडीआरएफ, एसडीआरएफ द्वारा अब तक कुल 38,001 लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। राहत आयुक्त के अनुसार, राज्य में 1,134 बाढ़ शरणालय तथा 1321 बाढ़ चौकी स्थापित की गयी हैं। प्रदेश में अब तक कुल 1,387 पशु शिविर स्थापित किये गये हैं। उन्होंने बताया कि खोज एवं बचाव कार्य में 371 मोटर बोट तथा 166 वाहन लगाये गये हैं।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)












QuickLY