देश की खबरें | जनता को सभी सुविधाएं देने की प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है सरकार: गहलोत

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शनिवार को कहा कि राज्य सरकार आमजन को सभी क्षेत्रों में सुविधाएं देने के लिए प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है और उसने अपने अब तक के कार्यकाल में अनेक जनकल्याणकारी फैसले किए हैं।

जयपुर, 30 जुलाई मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शनिवार को कहा कि राज्य सरकार आमजन को सभी क्षेत्रों में सुविधाएं देने के लिए प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है और उसने अपने अब तक के कार्यकाल में अनेक जनकल्याणकारी फैसले किए हैं।

गहलोत बूंदी जिले के हिण्डोली में लगभग 1132.83 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं के शिलान्यास समारोह को सम्बोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान भी राज्य सरकार ने विकास की गति को रूकने नहीं दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षा, चिकित्सा, बिजली, पानी, सिंचाई, सड़क, नगरीय विकास व खेलकूद विकास के साथ समाज के सभी कमजोर तबकों को पेंशन और कर्मचारी वर्ग के लिए पुरानी पेंशन योजना जैसे कई जन कल्याणकारी फैसले लिए गए।

यहां जारी बयान के अनुसार, इस अवसर पर गहलोत ने 2013 की केदारनाथ त्रासदी के पीड़ितों के पात्र परिजनों को पुनः अनुकंपा नियुक्ति देने की घोषणा की। गहलोत ने कहा कि वर्ष 2013 की केदारनाथ त्रासदी में जान गंवाने वाले एवं स्थायी रूप से लापता हुए राजस्थान के निवासियों के परिजनों को सम्बल देने के लिए अनुकंपा नियुक्ति देने की घोषणा की थी एवं कुछ लोगों को नियुक्ति दे दी गई थी, लेकिन सरकार बदलने के बाद इन्हें रद्द कर दिया गया था। उन्होंने कहा कि केदारनाथ त्रासदी के पीड़ितों के पात्र परिजनों को पुनः अनुकंपा नियुक्ति दी जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड के कारण दो वर्षों तक नौकरी के लिए प्रतियोगी परीक्षाएं समय पर आयोजित नहीं हो सकीं इसलिए आगामी प्रतियोगी परीक्षाओं में ऐसे वंचित अभ्यर्थियों को अधिकतम आयु सीमा में दो वर्षों की छूट दी जाएगी।

उन्होंने कहा कि सरकार की विभिन्न योजनाओं के केंद्र में युवा और छात्र हैं और प्रदेश का अगला बजट भी उन्हीं को समर्पित होगा। गहलोत ने कहा कि सरकार शहरों में भी सौ दिन का रोजगार देने का कार्य कर रही है।

पूर्वी राजस्‍थान नहर परियोजना (ईआरसीपी) को केंद्रीय परियोजना का दर्जा देने की मांग दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के 13 जिलों में सिंचाई व पेयजल जलापूर्ति के लिए यह योजना बेहद महत्वपूर्ण है।

उन्होंने कहा, ‘‘हम लंबे समय से इसे राष्ट्रीय महत्व की परियोजना घोषित कराने की मांग कर रहे हैं जिस पर केंद्र ने अभी तक कोई सकारात्मक फैसला नहीं लिया है।’’

इस अवसर पर उन्होंने 974 करोड़ रुपये लागत की हिण्डोली-नैनवां चम्बल पेयजल परियोजना, 21 करोड़ रुपये की लागत के नर्सिंग कॉलेज, 10.50 करोड़ रुपये की लागत के आईटीआई, 6.50 करोड़ रुपये की लागत के कृषि महाविद्यालय व 4.50 करोड़ रुपये की लागत के राजकीय महाविद्यालय का शिलान्यास किया। वहीं, 117 करोड़ रुपये की लागत वाली तीन प्रमुख सड़क परियोजनाओं का भी मुख्यमंत्री ने शिलान्यास किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में राजस्थान एक अग्रणी राज्य बनता जा रहा है और आज पूरे देश में चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना की चर्चा हो रही है।

इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सी.पी. जोशी, कृषि मंत्री लालचंद कटारिया, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री टीकाराम जूली, गृह राज्य मंत्री राजेन्द्र यादव, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग मंत्री डॉ. महेश जोशी, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री परसादी लाल मीणा व खेल राज्य मंत्री अशोक चांदना भी मौजूद थे।

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