देश की खबरें | अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी में निजी कंपनियों की भागीदारी बढ़ाने के लिए सरकार ने एक नीति लायी है:सोमनाथ
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के प्रमुख एस. सोमनाथ ने शनिवार को कहा कि सरकार अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सुधारों के तहत इसमें निजी कंपनियों की भागीदारी को प्रोत्साहित करने के लिए एक नीति लेकर आई है।
कोयंबटूर, नौ जुलाई भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के प्रमुख एस. सोमनाथ ने शनिवार को कहा कि सरकार अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सुधारों के तहत इसमें निजी कंपनियों की भागीदारी को प्रोत्साहित करने के लिए एक नीति लेकर आई है।
सोमनाथ ने यहां करुणा विश्वविद्यालय के 26वें दीक्षांत समारोह से इतर संवाददाताओं से कहा कि सरकार बुनियादी ढांचे, ‘रिमोट सेंसिंग’ और नई प्रौद्योगिकी के विकास में सार्वजनिक-निजी भागीदारी बढ़ाने के लिए उद्योगों और ‘स्टार्टअप’ के साथ विचार-विमर्श करेगी।
निवेश के संबंध में उन्होंने कहा कि यह केंद्र की मंजूरी से भारतीय कंपनियों के लिए 100 प्रतिशत और प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) के माध्यम से 70 प्रतिशत होगा।
छोटे उपग्रह प्रक्षेपण यान (एसएसएलवी) के प्रक्षेपण के बारे में पूछे जाने पर सोमनाथ ने कहा कि यह इस महीने के अंत तक या अगस्त की शुरुआत में किया जायेगा।
तमिलनाडु के कुलशेखरपट्टनम में एक ‘लांचपैड’ (प्रक्षेपण स्थल) की शुरूआत किये जाने के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने 2,000 एकड़ जमीन आवंटित की है और आवश्यक बुनियादी ढांचे को विकसित करने के बाद, यह अगले दो साल में तैयार हो सकता है।
बहुप्रतीक्षित ‘गगनयान’ कार्यक्रम के संबंध में सोमनाथ ने कहा कि परियोजना की जांच और परीक्षण जारी है। उन्होंने कहा, ‘‘हम न केवल मनुष्य को अंतरिक्ष में भेज सकते हैं, बल्कि हमें यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि मनुष्य सुरक्षित वापस भी आ जाये।’’
इसरो में ‘अग्निवीरों’ की उपयोगिता पर एक अन्य सवाल के जवाब में सोमनाथ ने कहा कि यह पहले ही घोषणा कर चुका है कि उनके लिए रोजगार के अवसर हैं।
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