नयी दिल्ली, 15 दिसंबर केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि मंत्रिमंडल द्वारा बुधवार को मंजूर की गई सेमीकंडक्टर (अर्धचालक) प्रोत्साहन योजना से अगले चार वर्षों में 1.7 लाख करोड़ रुपये का निवेश मिलने और 1.35 लाख रोजगार के अवसरों के सृजन की उम्मीद है।
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने सेमीकंडक्टर और डिस्प्ले विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए 76,000 करोड़ रुपये के नीतिगत प्रोत्साहन को मंजूरी दी, ताकि भारत को उच्च-प्रौद्योगिकी उत्पादन के क्षेत्र में वैश्विक केंद्र बनाया जा सके।
यह घोषणा ऐसे वक्त में हुई, जब इलेक्ट्रॉनिक चिप की दुनिया भर में कमी है और कई सेमीकंडक्टर कंपनियां अपनी क्षमता को बढ़ा रही हैं।
दूरसंचार और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि इस फैसले से माइक्रोचिप के डिजाइन, विनिर्माण, पैकिंग और परीक्षण में मदद मिलेगी तथा एक संपूर्ण पारिस्थितिकी तंत्र विकसित होगा।
उन्होंने योजना का ब्योरा देते हुए कहा कि सेमीकंडक्टर और डिस्प्ले विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र के विकास के लिए 76,000 करोड़ रुपये के कार्यक्रम को मंजूरी दी गई है।
उन्होंने मंत्रिमंडल की बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा, ‘‘हमें अगले चार वर्षों में लगभग 1.70 लाख करोड़ रुपये के निवेश की उम्मीद है। पहले से ही कुछ निवेश प्रस्तावित हैं। हम अगले 3-4 महीनों में सेमीकंडक्टर के लिए परियोजनाओं की उम्मीद करते हैं।’’
वैष्णव ने कहा, ‘‘मध्यम अवधि में दो से चार साल में चार बड़े सेमीकंडक्टर फैब्रिकेशन संयंत्र स्थापित किए जाएंगे।’’
टाटा समूह पहले ही सेमीकंडक्टर विनिर्माण में प्रवेश करने की अपनी मंशा जता चुका है। सूत्रों ने पीटीआई- को बताया कि वेदांता समूह की एक फर्म भी भारत में सेमीकंडक्टर विनिर्माण संयंत्र स्थापित कर सकती है।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)













QuickLY