जरुरी जानकारी | सरकार ने कंपनियों के प्रतिभूति आवंटन को नियंत्रित करने वाले नियमों में संशोधन किया

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. सरकार ने भारत के साथ भूमि सीमा साझा करने वाले देशों की संस्थाओं और नागरिकों द्वारा किए जाने वाले निवेश पर सख्ती की है। सरकार ने ऐसे निवेश से पहले मंजूरी अनिवार्य करने के संबंध में कंपनियों को नियंत्रित करने वाले नियमों में संशोधन किया है।

नयी दिल्ली, छह मई सरकार ने भारत के साथ भूमि सीमा साझा करने वाले देशों की संस्थाओं और नागरिकों द्वारा किए जाने वाले निवेश पर सख्ती की है। सरकार ने ऐसे निवेश से पहले मंजूरी अनिवार्य करने के संबंध में कंपनियों को नियंत्रित करने वाले नियमों में संशोधन किया है।

कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय ने कंपनी अधिनियम, 2013 के तहत शेयर विवरण पत्र और प्रतिभूतियों के आवंटन से संबंधित नियमों में पांच मई को संशोधन किया।

मंत्रालय ने एक अधिसूचना में कहा, ‘‘... इस नियम के तहत किसी भी प्रतिभूति की पेशकश या निमंत्रण भारत के साथ भूमि सीमा साझा करने वाले देशों के निगमित निकायों या नागरिकों को तब तक नहीं किया जाएगा, जब तक कि ऐसे निकायों या नागरिकों को विदेशी मुद्रा प्रबंधन (गैर-ऋण साधन) नियम, 2019 के तहत सरकार की मंजूरी न मिली हो।’’

ये नियम कंपनी (शेयर विवरण पत्र और प्रतिभूतियों का आवंटन) संशोधन नियम, 2022 में नियम 14 को संदर्भित करता है।

अधिसूचना में कहा गया कि मंजूरी को निजी नियोजन प्रस्ताव एवं आवेदन पत्र के साथ संलग्न किया जाना चाहिए।

भारत के साथ भूमि सीमा साझा करने वाले देश चीन, बांग्लादेश, पाकिस्तान, भूटान, नेपाल, म्यांमा और अफगानिस्तान हैं। निर्णय के अनुसार, इन देशों के एफडीआई (प्रत्यक्ष विदेशी निवेश) प्रस्तावों को भारत में किसी भी क्षेत्र में निवेश के लिए सरकार की मंजूरी की आवश्यकता है

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