देश की खबरें | सरकार का लक्ष्य अगले 10 दिन में कोविड-19 मामलों की संख्या में कमी लाना : पलानीस्वामी

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के पलानीस्वामी ने बुधवार को भरोसा जताया कि अगर लोग सरकार की पहल में पूरी तरह से सहयोग करें तो अगले 10 दिनों में कोरोना वायरस संक्रमितों की संख्या में कमी लाई जा सकती है और महामारी को नियंत्रित किया जा सकता है।

कृष्णागिरी (तमिलनाडु), 15 जुलाई तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के पलानीस्वामी ने बुधवार को भरोसा जताया कि अगर लोग सरकार की पहल में पूरी तरह से सहयोग करें तो अगले 10 दिनों में कोरोना वायरस संक्रमितों की संख्या में कमी लाई जा सकती है और महामारी को नियंत्रित किया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि 31 जुलाई तक लागू लॉकडाउन को बढ़ाने का फैसला केंद्र और अन्य राज्यों का इस मामले पर अपनाए जाने वाले रुख पर निर्भर करेगा।

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मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि तमिलनाडु में कोरोना वायरस के संक्रमण के प्रसार को रोकने के उद्देश्य से राज्य और केंद्र सरकारों ने राहत और शमन गतिविधियों के लिए करीब 10 हजार करोड़ रुपये खर्च किए हैं।

पलानीस्वामी ने कहा, ‘‘ कोरोना वायरस के संक्रमण की कड़ी तोड़ने की सफलता लोगों के पूर्ण सहयोग पर निर्भर करती है क्योंकि अबतक इसका टीका नहीं बना है।’’

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सूक्ष्म एवं लघु उद्यमियों, किसानों और अधिकारियों के साथ बैठक करने के बाद मुख्यमंत्री यहां जिलाधिकारी कार्यालय में पत्रकारों को संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने कहा, ‘‘ पहले ही चेन्नई और तमिलनाडु के अन्य हिस्सों में कोरोना वायरस से संक्रमण के मामलों में कमी के संकेत मिले हैं और सरकार द्वारा उठाए गए कड़े कदम की वजह से अगले 10 दिनों में धीरे-धीरे इसमें और कमी आएगी।’’

उन्होंने कहा कि तमिलनाडु भारत का एकमात्र राज्य है जो सबसे अधिक कोविड-19 जांच कर रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 42 हजार लोगों की जांच अकेले मंगलवार को की गई।

उन्होंने कहा, ‘‘आक्रमक तरीके से चेन्नई के 600 ज्वर शिविरों में जांच और दैनिक आधार पर करीब 30 हजार कार्यकर्ताओं द्वारा घर-घर जाकर सत्यापन करने से राजधानी में कोविड-19 के मामलों में कमी लाने में मदद मिली।’’

मुख्यमंत्री ने कहा कि संक्रमण को कम करने के लिए राज्य के अन्य हिस्सों में इसी उपाय का अनुपालन किया जाएगा।

राज्य की अन्नाद्रमुक सरकार द्वारा लोगों को राहत पहुंचाने और वायरस के प्रसार को रोकने के लिए किए गए उपायों को गिनाते हुए पलानीस्वामी ने कहा कि अकेले राज्य सरकार ने अब तक 6,000 करोड़ रुपये खर्च किए हैं।

उन्होंने कहा कि केंद्र की योजनाएं जैसे जन धन योजना, राज्य के प्रत्येक किसान के खाते में दो हजार रुपये प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना के तहत हस्तांरण और केंद्र द्वारा मुहैया कराई गई आवश्यक वस्तुओं से भी मुश्किल का सामना कर रहे लोगों को मदद मिली।

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘महामारी की वजह से उत्पन्न संकट और परीक्षा की घड़ी में भी मेरी सरकार ने सभी कृषि संबंधी कार्यों और जीविकोपार्जन की अन्य गतिविधियों की अनुमति दी।’’

कोरोना वायरस की महामारी को नियंत्रित करने के लिए सरकार द्वारा उठाए जा रहे हर कदम में साथ होने के विपक्ष के भरोसे के बारे में पूछे जाने पर पलानीस्वामी ने कहा, ‘‘ वे केवल रोजाना बयान दे रहे हैं और यह संकेत देता है कि उनकी इच्छा सहयोग करने की नहीं है। ’’

तमिलनाडु में लागू लॉकडाउन को 31 जुलाई के बाद भी बढ़ाने के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘‘ अभी कुछ भी नहीं कहा जा सकता है।’’

सेलम में पत्रकारों से उन्होंने कहा, ‘‘ मैं अभी कुछ भी नहीं कह सकता। हम, केंद्र और अन्य राज्य क्या करते हैं, उसके आधार पर फैसला लेंगे।’’

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