देश की खबरें | महिलाओं के अधिकारों प्रति वैश्विक उदासीनता चिंता की बात : जी20 बैठक से पहले अधिकारी ने कहा
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. महिलाओं एवं लड़कियों के अधिकारों के प्रति बढ़ती वैश्विक उदासीनता एवं उनकी घटती सुरक्षा अब भी चिंता की बात है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने सोमवार को यहां यह बात कही।
पणजी, आठ मई महिलाओं एवं लड़कियों के अधिकारों के प्रति बढ़ती वैश्विक उदासीनता एवं उनकी घटती सुरक्षा अब भी चिंता की बात है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने सोमवार को यहां यह बात कही।
गोवा में जी20 विकास कार्य समूह की तीसरी बैठक से पहले एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए, विदेश मंत्रालय में संयुक्त सचिव (जी20) नागराज नायडू काकनूर ने
कहा कि यह 2023 है और अगर कोई यह कहता है कि लैंगिक समानता हासिल करने में अभी 286 साल और लग सकते हैं, तो यह केवल इस मुद्दे का समाधान करने में "हमारी सामूहिक नाकामी’’ को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि महिलाएं एवं लड़कियां दुनिया की आधी आबादी का प्रतिनिधित्व करती हैं और इसलिए वे क्षमताओं का भी आधा हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि आज के असाधारण चुनौतीपूर्ण संदर्भ में, लैंगिक समानता और महिला सशक्तीकरण "कोई भी पीछे नहीं छूट जाए’’ के दृष्टिकोण को साकार करने के लिए अहम हैं।
काकनूर ने कहा, "महिलाओं एवं लड़कियों के अधिकारों के प्रति वैश्विक उदासीनता और महिलाओं और लड़कियों की घटती सुरक्षा चिंता का विषय बनी हुई है।" उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि सभी पुरुष एवं लड़के "महिला सशक्तीकरण और लैंगिक समानता के एजेंडे को अपनाने और उसे आगे बढ़ाने" के लिए महत्वपूर्ण भागीदार हैं।
उन्होंने कहा, "हालांकि, वैश्विक समुदाय से बढ़ी प्रतिबद्धता के बिना, लैंगिक समानता का लक्ष्य अधूरा ही रह जाएगा।"
काकनूर ने कहा कि महिलाओं की "आवाज, पसंद और अधिकार" को बढ़ाने में सामाजिक एवं राजनीतिक सशक्तीकरण महत्वपूर्ण कदम हैं।
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